फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sleep Disorder: अनिद्रा की समस्या वालों में अक्सर देखी जाती है 'मेलाटोनिन' की कमी, जानिए कैसे करें इसमें सुधार

Mon, 29 Apr 2024 08:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
नींद न आने की समस्या - फोटो : istock
नींद न आना, रात के समय बार-बार नींद टूट जाने की स्थिति को सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी वयस्कों को हर रात कम से कम 6-8 घंटे के निर्बाध नींद की जरूरत होती है। जिन लोगों को नींद लेने में कठिनाई या अनिद्र की समस्या है उन्हें समय पर डॉक्टर से मिलकर इसका उपचार प्राप्त करना चाहिए। अनिद्रा की समस्या को अध्ययनों में शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए खतरनाक बताया गया है।

अध्ययनकर्ता बताते हैं जिन लोगों को अक्सर नींद न आने की समस्या रहती है उनमें मेलाटोनिन नामक हार्मोन की कमी देखी जाती रही है। मेलाटोनिन वह हार्मोन है जो नींद के चक्र को ठीक बनाए रखने के साथ अच्छी और गहरी नींद प्राप्त करने में मदद करता है। कहीं आपमें भी तो इसकी कमी नहीं है, इसमें सुधार कैसे किया जा सकता है आइए इस बारे में समझते हैं।
विज्ञापन

2 of 4
मेलाटोनिन की कमी - फोटो : istock
मेलाटोनिन हार्मोन है जरूरी

मेलाटोनिन ऐसा हार्मोन है जो आपका मस्तिष्क अंधेरे की प्रतिक्रिया में पैदा करता है। यह आपकी सर्केडियन रिदम (सोने-जागने के समय) और अच्छी नींद प्राप्त करने के लिए आवश्यक है। रात में सोते समय रोशनी होने के कारण से भी मेलाटोनिन उत्पादन बाधित हो सकता है।

यहां जानना जरूरी है कि मेलाटोनिन सिर्फ नींद के लिए ही जरूरी नहीं है इसकी कमी के कारण चिंता और मनोदशा संबंधी विकार, शरीर का तापमान कम होने और एस्ट्रोजन हार्मोन के बढ़ने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। 
विज्ञापन

3 of 4
सर्कैडियन रिदम में गड़बड़ी - फोटो : istock
मेलाटोनिन की कमी के क्या संकेत हैं?

आमतौर पर मेलाटोनिन की कमी के कारण नींद विकारों की समस्या होना आम है पर इसके अलावा भी कई लक्षण हैं जिनपर ध्यान देना आपके लिए जरूरी है।
  • दिन में बहुत नींद आना-रात में नींद लेने में दिक्कत।
  • सर्कैडियन रिदम की समस्या (सोने-जागने के समय में बदलाव)
  • तेजी से उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाना।
  • मेटाबॉलिज्म की समस्या होना।
विज्ञापन

4 of 4
स्वस्थ आहार का करें सेवन - फोटो : istock
कैसे करें मेलाटोनिन के स्तर में सुधार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन को बढ़ावा देने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। संतुलित-पोषक तत्वों से भरपूर आहार की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ, कॉपर और विटामिन ए-ई वाली चीजों को आहार का हिस्सा बनाकर मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को ठीक किया जा सकता है। इसके अलावा तनाव का प्रबंधन करना भी बहुत आवश्यक है।

डॉक्टर से मिलकर शरीर में मेलाटोनिन की कमी की पता लगाने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों में इसकी गंभीर कमी होती है स्वास्थ्य विशेषज्ञ उन्हें मेलाटोनिन सप्लीमेंट्स लेने की भी सलाह दे सकते हैं।



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें