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चेतावनी: भारत बनता जा रहा है कैंसर का गढ़, विशेषज्ञों ने बताया- 'CAUTIONUS' से कर सकते हैं रोग की समय पर पहचान

Mon, 29 Apr 2024 12:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में कैंसर के बढ़ते मामले - फोटो : Amarujala
कैंसर के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए बड़ा जोखिम रहे हैं, भारत के लिए भी ये बीमारी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। साल-दर-साल कैंसर के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर न सिर्फ अतिरिक्त दबाव बढ़ाया है साथ ही इसके कारण मृत्युदर भी अधिक देखा जाता रहा है। अध्ययनों के आधार पर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जिस गति से भारत में कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, ऐसे में आने वाले वर्षों में इसका दबाव और अधिक हो सकता है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि भारत में साल 2022 में 14.61 लाख से अधिक लोगों में कैंसर का निदान किया गया। अध्ययनकर्ताओं को आशंका है कि 2025 तक इस आंकड़े में करीब 13 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। साल 2022 में दुनियाभर में अनुमानित 20 मिलियन (दो करोड़) कैंसर के नए मामलों का निदान किया गया और 9.7 मिलियन (97 लाख) से अधिक लोगों की मौत हो गई। शोधकर्ताओं का अनुमान है कि साल 2050 तक कैंसर के रोगियों संख्या 35 मिलियन (3.5 करोड़) प्रतिवर्ष तक पहुंच सकती है। 

पुरुषों में प्रोस्टेट और महिलाओं में सर्वाइकल-ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे अधिक रिपोर्ट किए जा रहे हैं। कैंसर की समय रहते पहचान के लिए विशेषज्ञों ने कुछ सूत्र बताए हैं जिनके बारे में जानना सभी के लिए बहुत आवश्यक है। एक सर्वे में भारत को कैंसर का गढ़ बनता हुआ बताया गया है।
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भारत में कैंसर का खतरा - फोटो : istock
समय पर निदान न हो पाना चिंताजनक

कैंसर रोग विशेषज्ञ कहते हैं, अगर समय रहते किसी व्यक्ति में कैंसर का पता चल जाता है तो इसका उपचार और रोगी की जान बचने की संभावना अधिक हो जाती है। हालांकि सबसे बड़ी चिंता यही है कि देश में अधिकतर लोगों में इसका पता ही तब चल पाता है जब कैंसर कोशिकाएं बहुत अधिक बढ़ चुकी होती हैं। आखिरी के चरणों में इस रोग के निदान से उपचार और भी कठिन हो जाता है।  

'CAUTIONUS' एक ऐसा फार्मूला है जिसकी मदद से कैंसर का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।
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कैंसर के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
क्या है  'CAUTIONUS' फार्मूला?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, 'CAUTIONUS' की मदद से कैंसर के लक्षणों की समय रहते पहचान में मदद मिल सकती है।
  • C- Change (शौच या पेशाब में असामान्य बदलाव)
  • A- (घाव ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लगना)
  • U- Unusual (शरीर के किसी भी हिस्से से असामान्य रक्तस्राव होना)
  • T-Thickening (स्तन या शरीर के किसी हिस्से में गांठ होना)
  • I- Indigestion (अपच या निगलने में कठिनाई)
  • O- Obvious change (शरीर में मस्से या किसी प्रकार का धब्बे का बढ़ते जाना)
  • N-Nagging cough (खांसी या आवाज बैठना, आवाज में बदलाव)
  • U- Unexplained Anaemia (एनीमिया की समस्या जो ठीक न हो रही हो)
  • S-Sudden weight loss (अचानक से वजन कम होना)
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क्यों बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जा सकता है। जीवनशैली की गड़बड़ आदतें कैंसर के खतरे को बढ़ाने में प्रमुख रही हैं। धूम्रपान और शराब के सेवन से महिलाओं-पुरुषों दोनों में कैंसर के खतरे को बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। धूम्रपान से फेफड़े और शराब के कारण लिवर और अग्नाशय कैंसर का जोखिम हो सकता है। इसके अलावा सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना या मोटापे को भी कैंसर के बढ़ते खतरे के लिए प्रमुख जोखिम कारकों में से माना जाता रहा है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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