प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
हमारे शरीर में दो तरह की इम्यून कोशिकाएं होती हैं। टी (T) और बी (B) कोशिकाएं। बी कोशिकाएं, पहले हमला कर चुके कीटाणुओं या विषाणुओं से लड़ने के लिए एंटीबॉडी निर्मित करती हैं। अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर एइकिको इवासाकी कहती हैं कि, 'टी कोशिकाएं हमारे शरीर की उन कोशिकाओं को खत्म कर देती हैं, जिनमें वायरस का संक्रमण हो चुका होता है।'
किसी भी वायरस का पहला संक्रमण होने पर हमारे शरीर को उससे निपटने में थोड़ा समय लगता है। मगर दूसरी बार उसी वायरस के अटैक से निपटने को हमारा शरीर तैयार होता है। क्योंकि तब तक एंटीबॉडी का निर्माण हो चुका होता है।
मगर, ये सिद्धांत कोरोना वायरस पर लागू होता है या नहीं, फिलहाल कहना मुश्किल है। अब तक की रिसर्च ये बताती हैं कि एक बार संक्रमित हो चुके व्यक्ति पर अगर कोरोना वायरस दोबारा हमला करता है, तो वो फिर से संक्रमित हो सकता है। ये रिसर्च चूहों और मकाक बंदरों पर हुई है।