कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे लोग थोड़े सशंकित रहते हैं। खासकर बुजुर्ग या फिर जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या हो, उन्हें इस समय कोरोना से ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। ऐसे में अस्थमा यानी दमा के मरीजों को ऐसा लग रहा कि उन्हें कोरोना वायरस का खतरा ज्यादा है। चूंकि कोरोना वायरस फेफड़ों पर हमला करता है, इसलिए अस्थमा के मरीजों को डर है कि कोरोना के संक्रमण से वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। अस्थमा के मरीजों की चिंता सोशल मीडिया पर चल रहे एक मैसेज ने बढ़ा दी है, जिसमें कहा गया है कि सांस लेने में परेशानी होने पर वे जिस कॉर्टिजोल स्प्रे या इन्हेलर से राहत पाते हैं, उसका इस्तेमाल संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है। कारण कि स्प्रे से शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होती है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।