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महामारी विज्ञानी से जानिए: आखिर कब तक जारी रहेगा कोरोना का कहर? आने वाले दिनों में कैसे होंगे हालात

Mon, 13 Sep 2021 07:17 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस का संक्रमण - फोटो : iStock
पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से दुनियाभर में जारी कोरोना संक्रमण के कारण सबकुछ अव्यवस्थित हो गया है। पढ़ाई से लेकर कामकाज, व्यापार से लेकर नौकरी तक, कोरोना ने सभी क्षेत्रों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। ऐसे में सभी लोगों के मन में बस एक सवाल है, आखिर कोरोना कब खत्म होगा? कोरोना के मुकाबले के लिए दुनियाभर में वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज कर दिया गया है। हालांकि वैक्सीन की प्रभाविता को लेकर मिल रही खबरें भी काफी भ्रमित करने वाली हैं। कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन कोरोना से सुरक्षित रखने में कारगर हैं, जबकि कुछ रिपोर्टस में कहा जा रहा है कि वैक्सीनेशन के कुछ ही महीनों में शरीर में एंटीबॉडीज का स्तर कम होने लगता है। तो क्या कोरोना अभी लंबे समय तक जारी रहने वाला है? या फिर अब लोगों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है?
अगर आप अगले छह महीने या एक साल के भीतर कोरोना से मुक्ति पाने के बारे में सोच रहे हैं, तो रुकिए। वैज्ञानिक, कोरोना के कहर को इतने जल्दी खत्म होने वाला नहीं मान रहे हैं। कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि सर्दियों के शुरुआत में दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप देखने को मिल सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि इस बारे में विशेषज्ञों की क्या राय है?
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कोरोना के नए वैरिएंट्सने बढ़ा दिया है खतरा - फोटो : iStock
कब तक जारी रहेगा कहर?
मिनेसोटा विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग अनुसंधान और नीति केंद्र के निदेशक और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार माइकल ओस्टरहोम कहते हैं, कोरोना का संकट दुनिया से फिलहाल इतनी जल्दी खत्म होता नहीं दिख रहा है। इसके निरंतर वृद्धि होने की आशंका है। कोरोना के मामलों में फिलहाल कमी देखने को मिल रही है, हालांकि कई वैज्ञानिकों का कहना है कि साल के अंत तक सर्दियां शुरू होते ही कोरोना के मामलों में एक और उछाल दिख सकता है। हालांकि वैक्सीनेशन से संक्रमण की गंभीरता को कम करने में जरूर मदद मिलने के आसार हैं।
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जारी रह सकता है कोरोना का खतरा - फोटो : Pixabay
बढ़ सकते हैं कोरोना के केस
माइकल ओस्टरहोम कहते हैं, कोरोना के मामलों के कम होते ही व्यापार और स्कूल फिर से खुल गए हैं। इन सब के बीच दुनिया भर में अरबों लोगों का अभी तक टीकाकरण नहीं हो पाया है। जिस तरह के कोरोना के नए वैरिएंट्स के मामले सामने आ रहे हैं, ऐसे में लग रहा है कि आने वाले महीनों में कोरोना के मामले एक बार फिर से बढ़ सकते हैं। 

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कोरोना का नए वैरिएंट्स ज्यादा खतरनाक - फोटो : iStock
जारी रह सकता है संक्रमण 
माइकल ओस्टरहोम कहते हैं टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाकर संक्रमण की दर कम की जा सकती है। हालांकि आपके आसपास हमेशा ऐसे लोग होंगे जिनमें संक्रमण का खतरा बना रहा सकता है। आमतौर पर ऐसे लोग जिनका किन्हीं कारणों से टीकाकरण नहीं हो सकता है जैसे नवजात शिशु। ऐसे लोग अन्य लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। कोरोना का यह कहर फिलहाल कितने महीनों या वर्षों तक जारी रहेगा, इस बारे में स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है, हालांकि यह जरूर कह सकते हैं कि कोरोना फिलहाल तो खत्म होता नहीं दिख रहा है।
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फिर बढ़ सकते हैं कोरोना के केस - फोटो : istock
आने वाले महीनों में कैसे हो सकते हैं हालात?
माइकल ओस्टरहोम कहते हैं, अगले कुछ महीने मुश्किल भरे रहेंगे। इसका मुख्य कारण कोरोना के ऐसे वैरिएंट्स का सामने आना है जो स्वाभाविक तौर पर शरीर में बनीं प्रतिरोधक क्षमता को मात दे सकते हैं। कई ऐसे देश हैं जहां पर बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण होना शेष है। ओस्टरहोम कहते हैं, कोरोना आगे कितना खतरनाक होगा, फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है, लेकिन इतना जरूर है कि कोरोनोवायरस ने जो जंगल की आग लगाई है वह इतनी जल्दी बुझती नहीं दिख रही है। शायद तब तक जबतक सभी लोग वैक्सीन से सुरक्षित न हो जाएं, या फिर सभी लोगों को कोरोना का संक्रमण न हो जाए।


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नोट: यह लेख मिनेसोटा विश्वविद्यालय में संक्रामक रोग अनुसंधान और नीति केंद्र के निदेशक और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के सलाहकार माइकल ओस्टरहोम के बयान के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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