पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वैश्विक स्तर पर हृदय रोग के मामले काफी तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ हाई कोलेस्ट्रॉल को प्रमुख जोखिम कारक मानते हैं। वैसे तो कोलेस्ट्रॉल रक्त में पाया जाने वाला मोमनुमा तत्व होता है जो शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक माना जाता है। हालांकि इसकी बढ़ी हुए मात्रा को गंभीर हृदय रोगों के बढ़ने के खतरे को तौर पर देखा जाता है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं, जिससे भविष्य में होने वाले हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सके।
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का लिवर कमजोर होता है, या जिन्हें लिवर से संबंधित किसी तरह की बीमारी होती है, उनमें कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने का जोखिम हो सकता है। इसके साथ कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भी लिवर के लिए समस्याएं बढ़ा सकता है। ऐसे में अगर आप कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए सभी उपाय करके भी लाभ नहीं पा रहे हैं तो अपने लिवर की सेहत पर भी ध्यान दें। आइए जानते हैं कि आखिर लिवर की सेहत का कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से क्या संबंध हो सकता है? कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित बनाए रखने के लिए कौन से उपाय करना फायदेमंद हो सकता है?