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Covid-19 Update: आखिर अचानक से क्यों बढ़ने लगे केस, क्या आ गया कोई नया वैरिएंट? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sun, 12 Jun 2022 01:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत में बढ़ते कोरोना के मामले - फोटो : istock
देश में पिछले एक हफ्ते से कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले डराने वाले हैं। जनवरी के बाद पहली बार दैनिक संक्रमण के केस 8 हजार के आंकड़े को पार हुए हैं। शनिवार को जहां 8329 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई थी, वहीं पिछले 24 घंटे में यह आंकड़ा बढ़कर 8582 पहुंच गया है। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों ने एक और संभावित लहर को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सब के बीच एक बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर एकदम से संक्रमण के मामलों में किस वजह से उछाल आ गया है? क्या देश में कोरोना का कोई नया वैरिएंट सामने आया है जो रोजाना के बढ़ते केस के लिए जिम्मेदार है?

पिछले पांच दिनों के आंकड़े की बात करें तो 8 जून के जहां 5233 नए संक्रमितों की पुष्टि की गई थी, वहीं 9 जून को यह आंकड़ा बढ़कर 7240 पहुंच गया। इसके अगले दिन 7584 लोगों में संक्रमण के मामले सामने आए जोकि 11 जून को बढ़कर 8329 तक पहुंच गया। दिन प्रति दिन बढ़ती संक्रमण की रफ्तार के पीछे क्या कोरोना का कोई नया वैरिएंट है, या फिर किसी और वजह से केस बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से विस्तार से समझते हैं। 
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देश में 8 हजार से पार हुए रोजाना के मामले - फोटो : Pixabay
कुछ जिलों में रिपोर्ट किए जा रहे ज्यादातर केस

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक केरल में सात और मिजोरम में पांच जिलों सहित देश के सत्रह जिलों में साप्ताहिक सकारात्मकता दर 10 प्रतिशत से अधिक की रिपोर्ट की जा रही है। जबकि केरल में सात और महाराष्ट्र-मिजोरम में चार-चार जिलों सहित कुल 24 जिलों में साप्ताहिक सकारात्मकता दर पांच से 10 फीसदी के बीच है। इसका मतलब यह है कि संक्रमण कुछ स्थानों में ही तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि इसे अन्य जिलों के लिए अलार्मिंग साइन के रूप में देखा जाना चाहिए।
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भारत में कोरोना के मामले - फोटो : Pixabay
किसी नए वैरिएंट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं 

संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के मामलों में एक बार फिर से देखा जा रहा उछाल चिंता जरूर बढ़ा रहा है, हालांकि इसके कारणों को लेकर फिलहाल पैनिक होने की जरूरत नहीं है। अब तक की जांच में बढ़ते मामलों के लिए किसी नए वैरिएंट को जिम्मेदार नहीं पाया गया है, ज्यादातर मामले ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट्स से संबंधित ही हैं। इसके अलावा ज्यादातर केस कुछ जिलों से ही अधिक रिपोर्ट हो रहे हैं, जिसे नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बढ़ते मामलों के लिए किसी नए वैरिएंट को कारण नहीं माना जा सकता है। 

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ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण बढ़ता खतरा - फोटो : Istock
ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स के कारण बढ़े केस

संक्रमण के बढ़ते दैनिक मामलों के कारक वैरिएंट्स के बारे में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के अध्यक्ष डॉ एन के अरोड़ा कहते हैं, भारत में ओमिक्रॉन के BA.2 के अलावा BA.4 और BA.5 सब-वैरिएंट्स के केस देखे जा रहे हैं। इनकी संक्रामता दर अधिक मानी जाती रही है, हालांकि इसके कारण गंभीर रोग के मामले कम देखने को मिले हैं। पिछले दिनों कई देशों में इन वैरिएंट्स की वजह से संक्रमण में बड़ा उछाल देखा गया था, इसलिए सभी लोगों को संक्रमण से बचाव के सभी आवश्यक उपाय करते रहने चाहिए। 
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संक्रमण के बढ़ते जोखिम को लेकर अलर् - फोटो : iStock
केस बढ़ने के कारण?

कोरोना के अचानक से बढ़ते केस के कारण को लेकर डॉ अरोड़ा कहते हैं, गर्मी की छुट्टियों की वजह से संभवत: संक्रमण की गतिशीलता में वृद्धि हुई है। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा प्रतिबंधों में ढील दी गई जिससे आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह से खोला जा सके, इसके कारण भी संक्रमण का प्रसार हुआ है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि फिलहाल संक्रमण, महानगरों और उच्च जनसंख्या घनत्व वाले बड़े शहरों तक सीमित है। ज्यादातर संक्रमितों का टीकाकरण हो चुका है जिससे उनमें गंभीर मामलों का खतरा कम है। हमें कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करते रहने की आवश्यकता है, ताकि संक्रमण के प्रसार को देश के अन्य हिस्सों में बढ़ने से रोका जा सके।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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