राजधानी दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हैं। इससे न सिर्फ सामाजिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा है साथ ही सेहत को लेकर भी गंभीर जोखिम हो सकते हैं। बाढ़-जलजमाव के कारण स्वाभाविक तौर पर मच्छर जनित रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है, पर जोखिम सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं हैं।
डॉक्टरों ने चेताया है कि इस तरह की प्रतिकूल परिस्थितियां पेट और श्वसन रोगों को भी बढ़ाने वाली हो सकती हैं। ऐसे में जिन स्थानों पर बाढ़ है, वहां के लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हर साल बरसात के दिनों में स्वास्थ्य क्षेत्र पर दबाव बढ़ जाता है, यह संक्रामक रोगों का समय होता है। डेंगू-चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियों के चलते न सिर्फ बड़ी संख्या में लोग शिकार होते हैं साथ ही हजारों की मौत भी हो जाती है। आइए डॉक्टर से समझते हैं कि बाढ़ की स्थिति किस प्रकार से मानव स्वास्थ्य के लिए समस्याकारक हो सकती है?