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सेहत की बात: ज्यादा नमक सिर्फ ब्लड प्रेशर नहीं बढ़ाता, शरीर के इन अंगों पर भी डालता है असर

Thu, 27 Aug 2026 07:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ज्यादा नमक खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। भोजन में सोडियम की अधिक मात्रा शरीर में पानी रोक सकती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। लंबे समय तक अधिक नमक का सेवन दिल और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ा सकता है और किडनी की कार्यक्षमता पर भी असर डाल सकता है।
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नमक का सेहत पर होने वाला असर - फोटो : Amarujala.com/AI
सेहत के लिए जिन चीजों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे नुकसानदायक बताते हैं, अधिक मात्रा में नमक और चीनी खाना उनमें से एक है। नमक के बिना खाना बिल्कुल अधूरा और नीरस लगता है,  पर अगर आप खाने में नमक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो ये सेहत के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी करने वाला भी हो सकता है।

दाल में थोड़ा ज्यादा नमक, सलाद में हो या चाय के साथ नमकीन खाना, इन छोटी-छोटी आदतों से दिनभर में शरीर में कितना नमक पहुंच रहा है, इसका हमें अक्सर अंदाजा ही नहीं होता।  इसमें मौजूद सोडियम शरीर में पानी का संतुलन, नसों और मांसपेशियों के काम में भूमिका निभाता है, लेकिन इसकी मात्रा जरूरत से ज्यादा होने पर शरीर पर बोझ बढ़ सकता है।

नमक की अधिकता को आमतौर ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाला माना जाता है, पर इसके नुकसान और भी कहीं ज्यादा हो सकते हैं जिसके बारे में अक्सर लोगों को अंदाजा तक नहीं होता।
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ज्यादा नमक खाने से बचें - फोटो : Adobestock
ज्यादा सोडियम हो सकता है नुकसानदायक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, वयस्कों को एक दिन में 5 ग्राम, यानी करीब एक छोटी चम्मच से कम मात्रा में ही नमक लेनी चाहिए। ध्यान रखने वाली बात यह है कि इसमें खाना पकाते समय डाला गया नमक ही नहीं, बल्कि पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड, नमकीन, सॉस, अचार और दूसरी चीजों से मिलने वाला सोडियम भी शामिल है।
 
  • ज्यादा सोडियम लेने का सबसे बड़ा असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। हालांकि जोखिम सिर्फ हाई ब्लड प्रेशर तक सीमित नहीं है। 
  • लंबे समय तक ज्यादा नमक लेने से दिल और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है और किडनी को भी शरीर से अतिरिक्त सोडियम निकालने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है।
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ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर पर सबसे पहले पड़ता है असर

शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ने से अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इससे रक्त की मात्रा और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है। 
 
  • यही वजह है कि हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को नमक कम करने की सलाह दी जाती है। 
  • लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल और रक्त वाहिकाओं पर लगातार दबाव डालता है। इससे हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। 

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किडनी की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
दिल पर बढ़ सकता है दबाव

ज्यादा नमक और बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जब आपका ब्लड प्रेशर अक्सर हाई रहता है, तो दिल को शरीर में खून पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। समय के साथ यह हृदय और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
 
  • डब्ल्यूएचओ के अनुसार ज्यादा सोडियम वाला आहार ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हृदय रोग, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी दिक्कतों का कारण बन सकता है।


किडनी को करनी पड़ती है ज्यादा मेहनत

किडनी शरीर में सोडियम और पानी का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब शरीर में सोडियम ज्यादा पहुंचता है, तो उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया में किडनी की मेहनत भी बढ़ जाती है। इसी तरह ज्यादा सोडियम और हाई ब्लड प्रेशर दोनों किडनी के लिए मुश्किलें बढ़ाने लगती हैं।
 
  • जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उनको आहार में नमक की मात्रा काफी कंट्रोल में रखनी चाहिए।
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खाने में नमक का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
ज्यादा नमक के होते हैं और भी कई खतरे
 
  • नमक में मौजूद सोडियम शरीर के पानी के संतुलन को प्रभावित करता है। ज्यादा सोडियम लेने से कुछ लोगों के शरीर में पानी जमा होने लगता है। इसका असर खासकर उन लोगों में ज्यादा महसूस हो सकता है जिन्हें पहले से कुछ हृदय, किडनी या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, नमक की मात्रा कम करने के लिए खाना पकाते समय मात्रा कंट्रोल में रखें, खाने के ऊपर से अतिरिक्त नमक डालने की आदत से बचें और नमकीन स्नैक्स, प्रोसेस्ड फूड तथा ज्यादा सोडियम वाले सॉस का सेवन कम करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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