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सावधान! क्या अकेले रहने से बढ़ता है हार्ट डिजीज का खतरा? जानें अकेलापन और दिल की सेहत का कनेक्शन

Wed, 09 Sep 2026 01:13 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Loneliness and Heart Health Connection: ये डर अक्सर लोगों के दिमाग में रहता है कि क्या वाकई अकेले रहने से दिल की बीमारियों का खतरा रहता है। यहां आज के लेख में हम आपको इसी बारे में डिटेल में जानकारी देंगे।
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दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : AI
Loneliness and Heart Health Connection:  सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी के दौर में लोगों के पास बातचीत और कनेक्ट रहने के कई साधन हैं, लेकिन इसके बावजूद कई लोग खुद को अकेला महसूस करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या अकेलापन सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है या इसका असर दिल की सेहत पर भी पड़ सकता है? 

लंबे समय तक सोशल आइसोलेशन और लोगों से दूरी बनाए रखने को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी चिंता जताते रहे हैं। हालांकि, अकेले रहना और अकेलापन महसूस करना एक ही बात नहीं है। कुछ लोग अकेले रहकर भी खुश और सामाजिक रूप से जुड़े रहते हैं। वहीं, कुछ लोग लोगों के बीच रहने के बावजूद खुद को अकेला महसूस कर सकते हैं। 

आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अकेलेपन और सोशल आइसोलेशन का हार्ट हेल्थ से क्या कनेक्शन है, लंबे समय तक अकेले रहने से किन स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है और दिल को स्वस्थ रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
 
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दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : AI
अकेलापन और हार्ट हेल्थ का क्या कनेक्शन है?

अकेलापन सिर्फ भावनाओं से जुड़ी समस्या नहीं है। लंबे समय तक अकेलेपन या सोशल आइसोलेशन की स्थिति में व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक सेहत दोनों प्रभावित हो सकती हैं। सामाजिक जुड़ाव कम होने पर तनाव बढ़ सकता है और इससे नींद, शारीरिक गतिविधि और खान-पान जैसी आदतों पर भी असर पड़ सकता है। यही कारण है कि लंबे समय तक सोशल आइसोलेशन और खराब हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर लगातार अध्ययन किए जा रहे हैं।

 
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दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : AI
अकेलापन दिल पर कैसे असर डाल सकता है?

 लंबे समय तक अकेलापन महसूस करने से तनाव और चिंता बढ़ सकती है। लगातार तनाव शरीर में ऐसे बदलाव पैदा कर सकता है, जो ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ये सभी चीजें लंबे समय में हृदय रोग के जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।

 

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दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : AI
 अकेले रहना और अकेलापन अलग-अलग हैं

 यह समझना जरूरी है कि अकेले रहना हमेशा नुकसानदायक नहीं होता। कोई व्यक्ति अकेले रहते हुए भी परिवार, दोस्तों और समाज से अच्छी तरह जुड़ा हो सकता है। समस्या तब हो सकती है जब व्यक्ति खुद को लगातार अकेला, अलग-थलग या दूसरों से कटा हुआ महसूस करे। इसलिए सिर्फ किसी व्यक्ति का अकेले रहना देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उसकी हार्ट हेल्थ खराब है।
 
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दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : AI

 सोशल कनेक्शन क्यों जरूरी है?

 परिवार और दोस्तों के साथ बातचीत करना, सामाजिक गतिविधियों में शामिल होना और अपनी भावनाएं साझा करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद के साथ स्वस्थ सामाजिक जीवन भी ओवरऑल हेल्थ का हिस्सा है।

 अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से अकेलापन, उदासी या सामाजिक अलगाव महसूस कर रहा है, तो उससे बात करना और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना उपयोगी हो सकता है।
 
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दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : AI

 दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
 
  •  परिवार और दोस्तों के संपर्क में रहें
  • नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करें
  •  पर्याप्त और अच्छी नींद लेने की कोशिश करें
  •  संतुलित और पौष्टिक आहार लें
  •  लंबे समय तक तनाव को नजरअंदाज न करें
  •  लगातार अकेलापन या मानसिक परेशानी महसूस होने पर विशेषज्ञ से सलाह लें
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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