बता दें कि वायरल फ्लू और कोरोना वायरस के लक्षण आपस में मिलते हैं, इनमें मामूली अंतर होता है। कई बार लोग फ्लू होने पर भी सशंकित हो जाते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं हो गया। विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोना के लक्षण ज्यादातर श्वासनली, गले और फेफड़े से जुड़े होते हैं। इसमें डायरिया की भी शिकायत हो सकती है, जबकि खांसी सूखी होती है। वहीं, फ्लू में ज्यादातर लक्षण नाक से जुड़े होते हैं और बलगम आ सकता है। फ्लू में गले में दर्द होना जरूरी नहीं, जबकि इसमें बलगम आ सकता है। शोधकर्ता दोनों में अंतर स्पष्ट करने को लेकर अब भी शोधरत हैं।