रंग, उत्साह-उमंग और लजीज खानपान के त्योहार होली की पूरे देश में धूम है। ये त्योहार कई मामलों में खास होता है। गुझिया-ठंडाई और मस्त पकवानों का सभी लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है। इसके अलावा एक दूसरे को रंग लगाकर, गले-मिलकर हम आपसी प्रेम व्यक्त करते हैं। पर ध्यान रहें, इन तमाम खुशियों के बीच अपनी सेहत को बिल्कुल भी अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
जिन लोगों को डायबिटीज है उन्हें होली के दिनों विशेष सावधानी बरतनी चाहिए,
गड़बड़ खानपान के कारण शुगर लेवल बढ़ने का खतरा हो सकता है। डायबिटीज की ही तरह, श्वसन रोगों के शिकार जैसे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को भी होली में सेहत को लेकर अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है।
सिंथेटिक रंग, हवा में मौजूद सूक्ष्म कण और अलाव से निकलने वाला धुआं सांस संबंधी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। होली खेलते समय जरा सी भी लापरवाही अस्थमा को ट्रिगर करने वाली हो सकती है, जिसको लेकर सावधान रहना जरूरी है।
इसका मतलब यह नहीं है कि आप होली नहीं खेल सकते हैं। अस्थमा के रोगी कुछ बातों का ध्यान रखते हुए त्योहार का आनंद ले सकते हैं। आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं? अस्थमा ट्रिगर होने से कैसे बच सकते हैं, आइए इस बारे में जानते हैं।