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World Kidney Day: आपके भोजन में भी तो नहीं है प्यूरीन की अधिकता? किडनी स्टोन का हो सकता है खतरा

Thu, 13 Mar 2025 10:56 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्यूरीन एक प्राकृतिक कंपाउंड है, जो डीएनए और आरएनए के निर्माण में मदद करता है। यह शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है और कई खाद्य पदार्थों में भी मौजूद होता है। हालांकि यदि आपके शरीर में प्यूरीन की अधिक मात्रा हो जाए, तो इसके कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी हो सकता है।
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खान-पान का रखें ध्यान - फोटो : Adobe stock photos
कई अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि अगर आपका खान-पान ठीक है तो ये गंभीर बीमारियों से बचाए रखने में आपके लिए मददगार हो सकता है। आप जिन चीजों का सेवन करते हैं, सेहत पर उसका सीधा असर होता है, यही कारण है कि सभी लोगों को पौष्टिक और स्वस्थ चीजें खाने की सलाह दी जाती है।

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, स्वस्थ रहने के लिए क्या खाना चाहिए, इससे जरूरी ये जानना है कि आपको क्या नहीं खाना चाहिए? गठिया और किडनी से संबंधित बढ़ती समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को उन चीजों से दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं जिनमें प्यूरीन की अधिकता होती है।

प्यूरीन क्या है और इसके क्या नुकसान हो सकते हैं, आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
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प्यूरीन का अधिकता से क्या होता है? - फोटो : Adobe Stock
क्या होता है प्यूरीन?

प्यूरीन एक प्राकृतिक कंपाउंड है, जो डीएनए और आरएनए के निर्माण में मदद करता है। यह शरीर की कोशिकाओं में पाया जाता है और कई खाद्य पदार्थों में भी मौजूद होता है। जब हमारे शरीर में प्यूरीन का ब्रेक डाउन होता है तो इससे यूरिक एसिड बनता है, जिसे शरीर आमतौर पर मूत्र में बाहर निकाला देता है।

हालांकि यदि आप हाई प्यूरीन वाली चीजों का सेवन अधिक करने लगें और शरीर में प्यूरीन की अधिक मात्रा हो जाए, तो इसके कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम भी हो सकता है।
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किडनी स्टोन की समस्या - फोटो : Freepik.com
प्यूरीन की अधिकता और इसके नुकसान

जब हमारे शरीर में प्यूरीन की अधिकता हो जाती है और किडनी इसे ठीक तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह शरीर में जमा होने लगता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। प्यूरीन की अधिकता यूरिक एसिड को बढ़ाने लगती है और यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में क्रिस्टल बनने लगते हैं, जिससे सूजन, दर्द और अकड़न हो सकती है। यह आमतौर पर पैर के अंगूठे, टखनों और घुटनों को प्रभावित करता है।

इसके अलावा यूरिक एसिड के क्रिस्टल किडनी में जमा होकर पथरी बना सकते हैं। अधिक प्यूरीन युक्त चीजों के सेवन से मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा हो सकता है, जिससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का जोखिम बढ़ जाता है।

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मांस, चिकन में प्यूरीन की मात्रा - फोटो : freepik.com
खान-पान में करें बदलाव

कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है, जिनका ज्यादा सेवन करने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है।
  • हाई प्यूरीन फूड्स जैसे मांस और मछली का सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। 
  • राजमा, चना, सोयाबीन, मसूर, मटर जैसी दालों के भी अधिक सेवन से बचना चाहिए।
  • कुछ प्रकार की सब्जियां जैसे पालक, मशरूम, ब्रोकली, फूलगोभी का अधिक सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है।
  • शराब, कॉफी भी प्यूरीन और यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाने वाले हो सकते हैं।
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पौष्टिक आहार का करें सेवन - फोटो : Freepik.com
किन चीजों का सेवन करना चाहिए?

अच्छी सेहत के लिए लो प्यूरीन फूड्स का सेवन करना अच्छा विकल्प है।  

फल (सेब, केला, संतरा, पपीता), सब्जियां (खीरा, टमाटर, गाजर, लौकी), डेयरी उत्पाद, अंडे और नट्स में प्यूरीन की मात्रा बहुत कम होती है और इनके सेवन से आपको कई लाभ हो सकते हैं। हाई प्यूरीन फूड्स का सेवन कम करने के साथ खूब पानी पीना भी जरूरी है ताकि यूरिक एसिड बाहर निकल सके। हरी सब्जियां और फाइबर युक्त आहार आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। 

अगर आपको गठिया, किडनी स्टोन या यूरिक एसिड की समस्या है, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर प्यूरीन युक्त भोजन का सेवन नियंत्रित करें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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