Color In Ear Safety Tips: होली की मस्ती में अक्सर लोग अपने चेहरे और आंखों को बचाने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन कानों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोग तो इतने बेपरवाह होते हैं कि वे चेहरे और आंखों तक का ख्याल नहीं रखते, जिसका नुकसान उन्हें बाद में भुगतना पड़ता है। कान शरीर का एक बेहद संवेदनशील हिस्सा हैं। इसलिए आइए इस लेख में हम जानते हैं कि अगर होली के पक्के रंग या केमिकल वाला पानी कान के अंदर चला जाए, तो इसके क्या गंभीर परिणाम हो सकते हैं और होली खेलते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
होली के सूखे गुलाल और पक्के रंगों में सीसा (Lead), क्रोमियम और अभ्रक जैसे हानिकारक रसायन होते हैं, जो कान की नाजुक त्वचा और पर्दे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर खेलते समय रंग कान के भीतर चला जाए, तो यह न सिर्फ खुजली और जलन पैदा करता है, बल्कि संक्रमण का कारण भी बन सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कान में फंसा सूखा रंग नमी पाकर फूल जाता है, जिससे कान बंद होने या 'टिनिटस' (घंटी बजने जैसी आवाज) की समस्या हो सकती है। बता दें कि कान की नली बहुत संवेदनशील होती है और इसमें बाहरी रसायनों का जानें से '
ओटिटिस एक्सटर्ना' जैसी सूजन वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए होली की मस्ती के बीच कानों की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना बहुत जरूरी है।