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World Kidney Day: आंखों से लेकर किडनी तक के लिए दिक्कतें बढ़ा सकती है आपकी ये छोटी सी गलती, हो जाइए सावधान

Thu, 13 Mar 2025 10:51 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य की समस्या होने के साथ शरीर के कई अन्य अंगों को गंभीर क्षति पहंचा सकती है। असामान्य रूप से ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाने की समस्या को हाइपरग्लेसेमिया के रूप में जाना जाता है। आइए जानते हैं कि इसके क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं?
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शरीर के लक्षणों पर दें गंभीरता से ध्यान - फोटो : Freepik.com
World Kidney Day 2025: शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो लाइफस्टाइल और आहार को ठीक रखने के साथ आपको कुछ स्थितियों पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से कम उम्र के लोगों में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की समस्या देखी जा रही है, ये काफी चिंताजनक है। इन दोनों को कंट्रोल में रखने के लिए प्रयास जरूरी है। इस लेख में हम शुगर लेवल बढ़ने के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानेंगे। 

मधुमेह दुनियाभर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक अनुमान के मुताबिक साल 2024 में भारत में मधुमेह से पीड़ित लोगों की संख्या 212 मिलियन (21 करोड़स से अधिक) थी, जो कि विश्व के कुल रोगियों का लगभग 26% है। ब्लड शुगर बढ़े रहने वाली ये बीमारी आपके शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है।

किडनी से लेकर आंखों और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर इसका गंभीर असर हो सकता है।
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डायबिटीज, हाई शुगर की समस्या - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड शुगर के हो सकते हैं कई नुकसान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने के साथ शरीर के कई अन्य अंगों के लिए गंभीर क्षति का कारण भी बन सकती है। असामान्य रूप से ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाने की समस्या को हाइपरग्लेसेमिया के रूप में जाना जाता है। जो लोग इसका शिकार हैं उनमें संक्रामक रोगों, किडनी की बीमारी, आंखों से धुंधला दिखने जैसी कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। 

डॉक्टर कहते हैं, अगर आपको डायबिटीज की दिक्कत है तो इसे अनदेखा करने की भूल न करें। समय-समय पर इसकी जांच करते रहें। हाई ब्लड शुगर को नजरअंदाज करने की गलती आपके लिए जानलेवा बीमारियों का कारण बन सकती है। 
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किडनी की समस्या - फोटो : Adobe stock
किडनी और आंखों की दिक्कत

हाई ब्लड शुगर की समस्या (हाइपरग्लाइसेमिया) आंखों की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है जिसके कारण आपको धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं अगर आपका शुगर अक्सर बढ़ा रहता है तो इससे दृष्टि हानि तक का खतरा हो सकता है। डायबिटीज के कारण आंखों को होने वाली समस्याओं को डायबिटिक रेटिनोपैथी कहा जाता है।

इसी तरह उच्च रक्त शर्करा स्तर किडनी को भी नुकसान पहुंचाने लगती है जिससे क्रोनिक किडनी डिजीज हो सकता है। हाई शुगर किडनी की रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुंचाने लगती है इसके क्षतिग्रस्त होने का जोखिम रहता है।

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त्वचा से संबंधित समस्याएं - फोटो : istock
घाव भरने में लगता है ज्यादा समय

मधुमेह के रोगियों में घावों के समय पर ठीक न होने की समस्या सबसे आम रहती है, हाइपरग्लेसेमिया की स्थिति में जटिलताएं और अधिक हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हाइपरग्लेसेमिया, प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित करती है, जिसके कारण घावों को ठीक करने के लिए शरीर की प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है। ब्लड शुगर की स्थिति बहुत अधिक बढ़ जाने पर घावों को ठीक होने में कई बार महीनों लग सकते हैं।
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संक्रामक रोगों के मामले - फोटो : freepik.com
संक्रमण का बढ़ जाता है खतरा 

हाइपरग्लेसेमिया की स्थिति के कारण रोगियों में संक्रमण होने का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले काफी अधिक हो जाता है। ऐसे रोगियों में पेशाब के संक्रमण का खतरा अधिक होता है जो किडनी की गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। हाइपरग्लेसेमिया के कारण होने वाले संक्रमणों के परिणामस्वरूप शरीर में एक स्ट्रेस रिस्पांस हो सकती है जिसके कारण कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन हार्मोन स्राव बढ़ जाता है। 

शुगर को कंट्रोल में रखना इन सभी समस्याओं से बचाव के लिए बहुत जरूरी है।    


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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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