फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Alert: डीजे की तेज आवाज ले सकती है आपकी जान, हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज का खतरा; बरतें सावधानी

Mon, 22 Sep 2025 03:31 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • क्या आपने कभी सोचा कि बहुत तेज आवाज में बजने वाले डीजे जानलेवा भी हो सकते हैं?
  • डीजे की तेज आवाज से मौत के हर साल मामले सामने आते रहे हैं। आइए जानते हैं  तेज आवाज का हमारी सेहत पर किस तरह से असर होता है? 
विज्ञापन
1 of 5
डीजे की तेज आवाज खतरनाक - फोटो : Amarujala.com
त्योहारों के इस सीजन में हर तरफ चहल-पहल और धूम देखी जा रही है। डीजे-लाइउडस्पीकर की आवाज चारों तरफ गूंज रही है, पर क्या आपने कभी सोचा कि बहुत तेज आवाज में बजने वाले डीजे जानलेवा भी हो सकते हैं?

बीते दिनों रांची से ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां कथित तौर पर डीजे की तेज आवाज के कारण दो माह की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के पिता ने इसे लेकर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पीड़ित के घर के निकट तेज आवाज में डीजे बज जा रहा था, जिससे घर के बड़े और बच्चे परेशान थे। आयोजकों से डीजे की आवाज कम करने का अनुरोध किया गया, लेकिन उन लोगों ने बात को अनसुना कर दिया गया। तेज आवाज के चलते बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्ची की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई। 

अब सवाल ये है कि डीजे की तेज आवाज का हमारी सेहत पर किस तरह से असर होता है और ये किन स्थितियों में जानलेवा हो सकती है?
विज्ञापन

2 of 5
तेज आवाज वाले डीजे खतरनाक - फोटो : Freepik.com
डीजे की तेज आवाज से मौत के मामले

ये कोई पहला मामला नहीं है, जहां डीजे की तेज आवाज जानलेवा साबित हुई है। ऐसे मामलों की भरमार है।
  • पिछले साल सितंबर में रायपुर में 40 वर्षीय एक व्यक्ति को तेज आवाज में बज रहे डीजे के कारण ब्रेन हेमरेज हो गया था। डॉक्टर इस असामान्य मामले को देखकर दंग रह गए थे, क्योंकि उस व्यक्ति को उच्च रक्तचाप, अन्य बीमारियों का कोई इतिहास नहीं था। तेज आवाज के कारण अचानक मरीज को चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गया। डॉक्टरों नें बाद में ब्रेन हेमरेज की पुष्टि की।
  • इसके अगले ही महीने मध्यप्रदेश में डीजे पर एक कार्यक्रम के दौरान डांस कर रहे 13 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। डॉक्टर्स ने पाया था कि तेज आवाज ने हार्ट अटैक की स्थिति को ट्रिगर कर दिया था।
  • सितंबर 2023 में सांगली में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हाई डेसिबल ध्वनि के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन

3 of 5
तेज आवाज से हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : adobe stock photos
तेज आवाज वाले डीजे क्यों इतने खतरनाक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तेज आवाज वाला डीजे या बहुत हाई डेसिबल ध्वनि का संगीत केवल कानों पर असर नहीं डालता, बल्कि यह सीधे दिल की धड़कनों को भी प्रभावित करता है। हमारे शरीर में दिल की धड़कनें नर्वस सिस्टम (सिम्पैथेटिक और पैरासिम्पैथेटिक सिस्टम) से नियंत्रित होती हैं। जब तेज आवाज अचानक कानों में पड़ती है तो शरीर स्ट्रेस रिस्पॉन्स एक्टिवेट कर देता है। इसका मतलब है कि शरीर इसे एक खतरे का संकेत मानता है और एड्रेनालिन हार्मोन तेजी से रिलीज करता है।

इस कारण दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं, ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है वहीं लगातार ऐसी स्थिति रहने पर एरिथमिया यानी अनियमित धड़कन का खतरा बढ़ जाता है। ये सभी स्थितियां हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं।

4 of 5
तेज आवाज का सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
 85 डेसिबल से ज्यादा तेज आवाज  खतरनाक

शोध बताते हैं कि 85 डेसिबल से ज्यादा तेज आवाज के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण हृदय स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ जाता है। डीजे का साउंड लेवल अक्सर 100-120 डेसिबल तक होता है, जो बेहद खतरनाक माना जाता है। इसका सीधा असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ता है जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक का इतिहास या डायबिटीज जैसी समस्याएं हैं।

तेज आवाज की वजह से नसें सिकुड़ सकती हैं, जिससे दिल पर अचानक दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा दोगुना तक बढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
तेज आवाज के कारण ब्रेन हेमरेज का खतरा - फोटो : Freepik.com
फट सकती है दिमाग की नस 

अध्ययनों से पता चलता है कि हाई-डेसिबल वाली आवाज दिल के साथ मस्तिष्क के लिए भी खतरनाक है। ये तनाव प्रतिक्रिया उत्पन्न करके, रक्तचाप बढ़ा देती है। इससे धमनियों के सख्त होने और उनके फटने का खतरा हो सकता है।

भारत में दर्ज 2024 के एक मामले से पता चलता है कि अत्यधिक तेज आवाज वाले डीजे के कारण एक व्यक्ति को ब्रेन में रक्तस्राव हुआ जिसे पहले कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं थी। शोध यह भी दर्शाते हैं कि तीव्र आवाज ब्रेन हेमरेज के खतरे को भी बढ़ा सकती है।




--------------
स्रोत
Cardiovascular effects of environmental noise exposure


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें