फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Alert: देश में हर चौथा व्यक्ति इस गंभीर समस्या का शिकार, समय पर न हुआ इलाज तो हो सकता है हार्ट अटैक

Sat, 31 Aug 2024 09:53 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
हृदय रोगों का खतरा - फोटो : istock
देश में कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हृदय रोग, डायबिटीज हो या कैंसर, ये सभी असमय मृत्यु के जोखिमों को कई गुना तक बढ़ा देते हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि कम उम्र के लोग भी इन समस्याओं के शिकार हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई क्रोनिक बीमारियां ऐसी हैं जिनके कारणों पर समय रहते ध्यान दिया जाए और इसका उपचार हो जाए तो गंभीर समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी से संबंधित जानकारी साझा करते हुए बताया कि देश में हर चार में से एक व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर पर अगर ध्यान न दिया जाए और ये अनियंत्रित बना रहता है तो इससे हृदय से संबंधित जानलेवा समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) की दिक्कत किसी को भी हो सकती है, इसकी जांच करते रहना आवश्यक है। 
विज्ञापन

2 of 5
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : istock
स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया सावधान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में बताया, उच्च रक्तचाप की समस्या को अक्सर हल्के में लिया जाता है और अमूमन इसपर तब तक किसी का ध्यान नहीं जाता है जब तक स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से असर न होने लगे। लगातार बनी रहने वाली अनियंत्रित ब्लड प्रेशर की दिक्कत हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों का भी कारण बन सकती है। आज ही अपने ब्लड प्रेशर की  जांच करवाएं।
 

गौरतलब है कि हाई ब्लड प्रेशर के कारण सिर्फ हृदय रोग ही नहीं, किडनी-लिवर और ब्रेन से संबंधित जटिलातओं का भी खतरा रहता है इसलिए जरूरी है कि समय रहते इसे नियंत्रित करने के लिए उपाय किए जाएं।
विज्ञापन

3 of 5
हार्ट अटैक की समस्या - फोटो : istock
हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा

उच्च रक्तचाप की स्थिति हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा देती है जिससे मायोकार्डियम (हृदय की मांसपेशियों) में संरचनात्मक और कार्यात्मक परिवर्तन होने लगते हैं। इन परिवर्तनों में बाएं वेंट्रिकल की हाइपरट्रॉफी भी शामिल है, जिसमें होने वाली समस्याओं के कारण हार्ट फेलियर का खतरा हो सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर के कारण रक्त वाहिकाओं पर भी अतिरिक्त दबाव होने लगता है जिससे इनके टूटने का जोखिम हो सकता है। यही कारण है कि हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति को हार्ट के अलावा मस्तिष्क के लिए भी खतरनाक माना जाता है क्योंकि इससे ब्रेन स्ट्रोक होने का भी खतरा रहता है।

4 of 5
ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी - फोटो : istock
ब्लड प्रेशर के कारण इन समस्याओं का भी जोखिम

बढ़े हुए ब्लड प्रेशर के कारण सिर्फ हार्ट ही नहीं कई अन्य अंगों पर भी असर हो सकता है। इससे आंखों की रक्त वाहिकाएं भी क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे आंखों से संबंधित कई तरह की बीमारियों, कम दिखाई देने और रेटिना में क्षति होने का खतरा रहता है।

लगातार बढ़े रहने वाले ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण किडनी, लिवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों की भी दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ शोध बताते हैं कि उच्च रक्तचाप से स्तंभन दोष (नपुंसकता) होने का भी जोखिम हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
ब्लड प्रेशर को कैसे करें कंट्रोल? - फोटो : Freepik
कैसे रखें ब्लड प्रेशर को कंट्रोल?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है उन्हें अपने डॉक्टर से मिलकर इसका उपचार जरूर प्राप्त करना चाहिए। दवाओं के साथ लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जा सकता है। 
  •  तनाव को कम करें। सांस लेने के व्यायाम, ध्यान या योग के जरिए इसमें आराम पाया जा सकता है।
  • संतुलित आहार लें।
  • सोडियम और कैफीन का सेवन कम करें।
  • धूम्रपान और शराब से बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।


--------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें