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Health Alert: दिल्ली में भी दूषित जल का संकट! पीने के पानी में अमोनिया की बढ़ी मात्रा कितनी खतरनाक?

Sat, 24 Jan 2026 09:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली जल बोर्ड ने बताया कि यमुना से आने वाले पानी में अमोनिया का हाई लेवल पाया गया है। अमोनिया का बढ़ा हुआ स्तर न सिर्फ पानी की सप्लाई को खराब करता है, बल्कि अगर इसे पी लिया जाए तो यह हमारी सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। 
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पीने का पानी को लेकर बरतें सावधानियां - फोटो : Adobe Stock
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित जल और इसके कारण फैली बीमारियां बीते दिनों सुर्खियों में थीं। अब दिल्ली में भी दूषित जल का खतरा देखा जा रहा है। गुरुवार (22 जनवरी) को दिल्ली जल बोर्ड ने जानकारी दी थी कि यमुना से आने वाले पानी में अमोनिया का लेवल ज्यादा होने की वजह से वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिए गए हैं। इसके चलते, जब तक हालात ठीक नहीं हो जाते, दिल्ली के कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

अब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के कई हिस्सों में पानी की दिक्कत 4 फरवरी तक जारी रह सकती है।
 

मीडिया रिपोर्ट्स में अधिकारियों ने बताया कि चार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट अभी अपनी कुल क्षमता के लगभग 75 प्रतिशत पर काम कर रहे हैं। हालात की लगातार समीक्षा की जा रही है और अमोनिया का लेवल स्वीकार्य सीमा में आने के बाद पानी का प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा।

ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि पानी में अमोनिया का स्तर बढ़ना कितना खतरनाक हो सकता है? आमोनिया युक्त पानी पी लिया जाए तो इससे क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं? आइए समझते हैं।
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पानी में अमोनिया का मात्रा बढ़ने का खतरा - फोटो : Adobe stock
कितना खतरनाक है अमोनिया का बढ़ा हुआ स्तर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अमोनिया को लंबे समय से एक नुकसानदायक पदार्थ माना जाता रहा है, जिसकी मात्रा अगर पानी में ज्यादा हो जाए तो इससे पानी की क्वालिटी खराब हो सकती है। पेड़-पौधों और पानी में रहने वाले जीवों को भी इससे नुकसान पहुंच सकता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि यह हमारे पीने के पानी को बहुत ज्यादा अशुद्ध बना देता है। हाई अमोनिया वाले पानी को पीने से सेहत को गंभीर नुकसान होने का भी खतरा रहता है। 

अमोनिया आमतौर पर रंगहीन और तीखी गंध वाला होता है और ये पानी में घुलनशील हाता हैं। इंडस्ट्रियल कचरे के कारण भी इसका स्तर पानी में बढ़ सकता है। पौधे या जानवरों के अवशेष सड़ने पर भी ये पानी में घुल जाता है।
  • अमोनिया का बढ़ा हुआ स्तर न सिर्फ पानी की सप्लाई को खराब करता है, बल्कि अगर इसे पी लिया जाए तो यह हमारी सेहत को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। 
  • अमोनिया के किसी भी तरह के संपर्क में आना, चाहे हवा हो या पानी के जरिए, हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
  • यह नर्वस सिस्टम और दिमाग के सोचने-समझने की क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। 
  • एक बार जब यह अशुद्ध पानी के स्रोतों या बिना साफ किए पानी के जरिए शरीर में चला जाता है, तो खून में मिल सकता है और नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित करने लगता है।
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अमोनिया वाला पानी पाने से क्या होता है? - फोटो : Freepik.com
अमोनिया युक्त पानी के क्या नुकसान हैं?

पीने के पानी में 0.5 ppm (पार्ट्स पर मिलियन) से अधिक की मात्रा हमारी सेहत के लिए खतरनाक मानी जाती है।
  • अमोनिया सांस की नली में जलन पैदा करता है। अमोनिया युक्त पानी पीने से एलर्जी, सांस लेने पर तकलीफ और सीने में दर्द जैसी दिक्कत होती है। 
  • अस्थमा या फेफड़ों की पहले से किसी बीमारी वाले लोगों में इसके कारण समस्या ट्रिगर होने का जोखिम रहता है। 
  • अमोनिया युक्त पानी सिरदर्द, कन्फ्यूजन, दिमागी संतुलन बिगड़ने या ध्यान लगाने में दिक्कत जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।
  • अमोनिया की अधिकता होने से मतली, उल्टी या पेट की समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
  • लंबे समय तक हाई अमोनिया के कारण किडनी-लिवर की कार्यक्षमता पर भी असर देखा जा सकता है।
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साफ पानी पीना जरूरी - फोटो : Freepik.com
पीने के पानी को लेकर क्या सावधानियां बरतें

अगर आप ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां अमोनिया से दूषित पानी का खतरा है, तो कुछ सावधानियां काफी जरूरी हो जाती हैं।
  • सुनिश्चित करें कि आप साफ पानी पी रहे हैं। आरओ का पानी आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
  • पानी को उबालकर और फिर छानकर पीना सबसे अच्छा होता है।
  • बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुज़ुर्गों को सेहत को लेकर विशेष रूप से सतर्कता बरतते रहना चाहिए।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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