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हेयर फॉल: बाल झड़ना हमेशा शैंपू-तेल की गलती नहीं, शरीर की इन कमियों का भी हो सकता है संकेत

Thu, 08 Oct 2026 07:26 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hair Fall Problem: बाल झड़ना हमेशा शैंपू या तेल की वजह से नहीं होता। आयरन, प्रोटीन, जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी, थायरॉयड समस्या, बीमारी, तनाव और आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। लगातार या असामान्य हेयर फॉल होने पर कारण पता करना और जरूरत के अनुसार जांच कराना जरूरी है।
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बाल झड़ने की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बालों की समस्याओं को पहले उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत माना जाता था। हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। 30 से पहले ही लोगों में बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या देखी जा रही है। बालों की समस्या न सिर्फ आपके लुक को खराब कर देती है साथ ही इसका आत्मविश्वास पर भी असर पड़ सकता है।

वैसे तो कंघी करते समय कुछ बाल टूटना या नहाते समय बालों का झड़ना सामान्य हो सकता है। आम तौर पर रोज 40-50 बाल तक झड़ सकते हैं और हर बार इसे बीमारी का संकेत नहीं माना जाता। लेकिन अगर अचानक बाल ज्यादा गिरने लगें, बालों की मोटाई कम होने लगे या सिर की त्वचा पर जगह-जगह बाल कम दिखाई देने लगें, तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। 

बाल झड़ने के साथ युवाओं में बालों के समय से पहले सफेद होने की दिक्कत भी बढ़ रही है, अमर उजाला में हमने इसके कारणों पर विस्तार से चर्चा की है। जानने के लिए यहां क्लिक करें
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हेयर फॉल की दिक्कत - फोटो : Amarujala.com/AI
आमतौर पर बालों के झड़ने के लिए लोग शैंपू या तेल को जिम्मेदार मानने लगते हैं। बार-बार शैंपू या तेल बदलना आपके बालों के लिए मुश्किलें बढ़ाने वाला जरूर हो सकता है, पर हर बार सिर्फ यही कारण नहीं होता।

कई बार पोषक तत्वों की कमी, थायरॉयड की समस्या, अन्य बीमारियां, तनाव या कुछ आनुवंशिक कारणों से भी बालों का झड़ना बढ़ सकता है। इसलिए लगातार बढ़ते हेयर फॉल का असली वजह पता करना ज्यादा जरूरी है।  सही कारण पता किए बिना सप्लीमेंट, तेल या महंगे हेयर ट्रीटमेंट पर पैसा खर्च करने से लाभ नहीं मिलता।


आयरन और प्रोटीन की कमी से भी झड़ सकते हैं बाल
 
  • बालों की मजबूती के लिए शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व चाहिए होते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार आयरन, प्रोटीन, जिंक या बायोटिन जैसे कुछ पोषक तत्वों की कमी बाल झड़ने की समस्या को बढ़ाने वाली हो सकती है।
  • कई मामलों में देखा गया है कि लोग वजन घटाने के लिए कैलोरी इंटेक बहुत कम कर देते हैं, इसके कारण भी बालों का झड़ना बढ़ सकता है।
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एनीमिया की दिकक्त - फोटो : Amarujala.com/AI
एनीमिया के शिकार लोगों में खतरा

आयरन की कमी से होने वाली एनीमिया में बाल झड़ने की दिक्कत देखी जाती रही है। इसके साथ आपको थकान, कमजोरी, सांस फूलने, दिल की धड़कन तेज महसूस होने जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
 
  • अगर बाल झड़ने के साथ ऐसे लक्षण भी मौजूद हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर खून की जांच जरूर करा लें।
  • बाजार में मिलने वाले हेयर सप्लीमेंट शुरू करने के बजाय पहले यह पता करना बेहतर है कि वास्तव में किस पोषक तत्व की कमी है।
  • एनीमिया की समस्या कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ाने वाली हो सकती है, इसलिए समय रहते एनीमिया का इलाज जरूरी है।
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थायरॉइ़ड की समस्या - फोटो : Adobe Stock
थायरॉइड के कारण बालों की दिक्कत

थायरॉयड गर्दन में मौजूद एक ग्रंथि है जो शरीर के कई कामों को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। थायरॉयड की समस्या होने पर बाल पतले हो सकते हैं, ज्यादा झड़ने लगते हैं या उनकी बनावट बदल सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार थायरॉइड का बढ़ना या घटना दोनों ही समस्या को बालों से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं।
 
  • अगर बाल झड़ने के साथ लगातार थकान, वजन कम होने या बढ़ने, ज्यादा ठंड लगने, कब्ज और त्वचा की दिक्कतें बनी रहती हैं तो डॉक्टर से मिलकर थायरॉइड की जांच जरूर करा लेना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आनुवंशिकता हेयर फॉल के सबसे आम कारणों में से एक है। यदि आपके परिवार में पहले से किसी को बालों की समस्या या गंजापन रहा हो तो आपको कम उम्र से ही सावधान हो जाना चाहिए।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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