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Heart Health: अमेरिका में हर 37 सेकंड में हृदय रोग से होती है मृत्यु, इन तीन उपायों से आप रह सकते हैं सुरक्षित

Thu, 31 Aug 2023 03:20 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हृदय रोगों की समस्या - फोटो : istock
हृदय रोग, विशेषतौर पर हार्ट अटैक दुनियाभर में तेजी से बढ़ते मृत्यु के प्रमुख जोखिमों में से एक है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में हर 37 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु हृदय रोग के कारण हो जाती है। यह प्रति वर्ष लगभग 6.50 लाख लोग हार्ट अटैक के शिकार होते हैं और 2014 के बाद से यह संख्या हर साल बढ़ रही है। डॉक्टर कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को हृदय के स्वास्थ्य की देखभाल करते रहने की आवश्यकता है। आहार और लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण हृदय रोगों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। 

भारत में भी पिछले दो वर्षों में हार्ट अटैक के रोगियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती हुई रिपोर्ट की गई है। इसके कारण कम उम्र में ही कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हृदय रोगों से बचाव करते रहने के लिए दिनचर्या में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक हो जाता है। आइए हृदय को स्वस्थ रखने वाले ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जानते हैं।
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हृदय रोगों का बढ़ता खतरा और बचाव - फोटो : istock
क्यों बढ़ गए हैं हृदय रोगों के मामले 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई जोखिम कारक हैं जिसके चलते कम उम्र में ही लोग गंभीर हृदय रोगों के शिकार हो रहे हैं। अगर आपके परिवार में पहले से ही किसी को हृदय रोगों की समस्या रही हो तो इससे परिवार में इसका जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा हृदय रोग और स्ट्रोक के लिए उच्च रक्तचाप, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, धूम्रपान या धूम्रपान के संपर्क में आने, मोटापा, अस्वास्थ्यकर आहार और शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण माना जाता है।

शोध से पता चला है कि हृदय रोगों के लिए कुछ उपाय हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने जोखिमों को 80% तक कम कर सकते हैं। ये उपाय न केवल हृदय रोगों से बचाते हैं साथ ही स्ट्रोक का खतरा भी इससे आधा हो जाता है। कैंसर और डिमेंशिया जैसी गंभीर समस्याओं के जोखिमों को कम करने में भी इन उपायों से आपको लाभ मिल सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा सुझाए गए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जानते हैं।
 
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व्यायाम से हृदय स्वास्थ्य को लाभ - फोटो : iStock
शारीरिक सक्रियता पर दें ध्यान

हृदय रोगों के जोखिमों कम करने के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बहुत आवश्यक है। प्रति सप्ताह 150 मिनट की मध्यम शारीरिक गतिविधि आपको हृदय रोगों से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकती है।
  • इसके अलावा दैनिक रूप से स्वस्थ आहार का सेवन करना भी हृदय की सेहत के लिए आवश्यक माना जाता है।
  • अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि प्लांट बेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन करना और ऐडेड शुगर तथा प्रोसेस्ड आहार से दूरी बनाना आपके हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है।
  • धूम्रपान के कारण भी हृदय की सेहत पर असर देखा जाता रहा है। इससे भी सभी लोगों को दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

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वजन को करें कंट्रोल - फोटो : iStock
वजन को रखें कंट्रोल

स्वस्थ वजन बनाए रखना आपके हृदय की सेहत के लिए जरूरी है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) का ध्यान रखना आपके वजन को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। 

वजन को कंट्रोल करने से हृदय स्वास्थ्य के लिए तमाम जोखिम कारकों को कम करने में लाभ मिल सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों को वजन अधिक होता है उनमें हृदय स्वास्थ्य से संबंधित जटिलताओं का खतरा भी अधिक हो सकता है। 
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हाई ब्लड प्रेशर की समस्या - फोटो : Pixabay
ब्लड प्रेशर और कोलस्ट्रॉल की करें जांच

हृदय की समस्याओं को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं। 120/80 मिमी एचजी तक का ब्लड प्रेशर आदर्श माना जाता है।
इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल की समस्या को भी नियंत्रित करके हृदय रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल, रक्त वाहिकाओं में जमा होकर हृदय तक रक्त के प्रवाह को बाधित करने वाला हो सकता है। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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