फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Health: कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर खुद देता है चेतावनी, समय रहते नहीं कर पाए पहचान तो जा सकती है जान

Tue, 06 Jan 2026 07:00 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कार्डियक अरेस्ट से पहले अचानक और असामान्य थकान महसूस होना एक अहम संकेत हो सकता है। अगर बिना ज्यादा मेहनत के आपको लगातार कमजोरी, ऊर्जा की कमी या जल्दी थक जाने की समस्या हो रही है, तो इसे हल्के में न लें।
विज्ञापन
1 of 5
हार्ट की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Adobe stock Images
हृदय रोग मौजूदा समय में सेहत के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं। हर साल दिल की बीमारियों के कारण लाखों लोगों की मौत हो जाती है। जब भी बात दिल की बीमारियों से मौत की होती है तो हार्ट अटैक का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में आपने कार्डियक अरेस्ट से जान जाने की खबरें भी सुनी होंगी। दिल से संबंधित ये स्थितियां असल में अलग-अलग हैं, जिन्हें अक्सर हम सभी एक ही मानने की भूल कर देते हैं। 

हार्ट अटैक, कोरोनरी धमनियों के अवरुद्ध हो जाने के कारण होने वाली समस्या है। यदि इस स्थिति को अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो हृदय तक रक्त का प्रवाह रुक जाता और पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। यह स्थिति जानलेवा हो सकती है। वहीं कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब व्यक्ति का हृदय रक्त को पंप करना ही बंद कर देता है। इस स्थिति में रोगी सामान्य रूप से सांस नहीं ले पाता है। यह दोनों ही स्थितियां जानलेवा मानी जाती हैं।

इस आर्टिकल में हम कार्डियक अरेस्ट और इसके कुछ हिडन लक्षणों को समझेंगे, जिसपर अक्सर बहुत कम चर्चा होती है?
विज्ञापन

2 of 5
कार्डियक अरेस्ट की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
कार्डियक अरेस्ट की समस्या

कार्डियक अरेस्ट का सामान्य कारण हृदय गति में आने वाली अनियमितता को माना जाता है। हृदय की विद्युत प्रणाली ठीक से काम नहीं कर रही होती है, तब यह समस्या हो सकती है। इस स्थिति में सीने में दर्द, दिल की धड़कन में अनियमितता, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कार्डियक अरेस्ट होने पर कुछ ही मिनटों में मरीज की जान जा सकती है। अगर तुरंत सीपीआर या मेडिकल मदद न मिले तो ये जानलेवा हो सकता है। अक्सर यह बिना किसी चेतावनी के भी हो सकता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।


(ये भी पढ़िए- दूषित पानी से मची तबाही के बीच अब गिलियन-बैरे सिंड्रोम बढ़ा रही चिंता, जानिए क्या है ये नई समस्या)
विज्ञापन

3 of 5
दिल की गंभीर समस्याओं का खतरा - फोटो : adobe stock images
कार्डियक अरेस्ट की दिक्कत होती क्यों है?

कार्डियक अरेस्ट का सबसे बड़ा कारण दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि में गड़बड़ी होना है, जिससे दिल सही तरीके से धड़कना बंद कर देता है इसलिए दिल को स्वस्थ रखने वाले उपाय बहुत जरूरी हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक तनाव, नींद की कमी, शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल ये सभी हृदय रोगों के मुख्य कारण हैं। इसके चलते हार्ट अटैक हो या कार्डियक अरेस्ट, इन दोनों का खतरा बढ़ जाता है।

मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक धूम्रपान करने वालों और अत्यधिक शराब पीने वालों में दिल की इलेक्ट्रिकल सिस्टम प्रभावित होती है, जिससे अरेस्ट का खतरा और बढ़ जाता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये समस्या रही है उन्हें और भी अलर्ट रहने की सलाह दी जाती है।

4 of 5
सीने में होने वाली दिक्कतों को न करें इग्नोर - फोटो : Adobe stock photos
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण क्या हैं?

हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, कार्डियक अरेस्ट को सबसे खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि इसके कई लक्षण अक्सर छिपे हुए होते हैं और लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।  इस जानलेवा समस्या से पहले कुछ लोगों को बार-बार चक्कर आने, असामान्य थकान, बिना कारण सांस फूलने या दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होने जैसे संकेत मिलते हैं। कई मामलों में हल्का सीने में दबाव, बेचैनी, घबराहट और अचानक पसीना आना भी हिडेन लक्षण हो सकते हैं। 

इन लक्षणों को समय रहते पहचानकर डॉक्टर से संपर्क किया जाए तो जान बचने की संभावना काफी बढ़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हृदय रोग और इसके खतरे - फोटो : Adobe Stock Images
इन लक्षणों पर भी दें ध्यान
  • सांस लेने में तकलीफ खासकर थोड़ी सी मेहनत करने पर भी होने वाली दिक्कत चेतावनी वाली होती है, इसे अनदेखा न करें।
  • दिल की धड़कन का बहुत तेज होना या धड़कन का रुक-रुक कर चलना दिल की गंभीर समस्याओं की ओर इशारा है।
  • बेहोशी या अस्थिरता महसूस होना या फिर पीठ-पेट में दर्द और बेचैनी महसूस हो रही है तो भी सतर्क हो जाएं।
  • कार्डियक अरेस्ट में भी आपको सीने में दबाव, जकड़न या दर्द महसूस होता है जैसा हार्ट अटैक में देखा जाता रहा है।



-------------
नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें