पिछले तीन साल से वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना के संक्रमण ने लोगों की सेहत को बुरी तरह से प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि जिन लोगों को कोमोरबिडिटी यानी एक ही समय पर एक से अधिक गंभीर बीमारी रही हो, ऐसे लोगों में संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। यही कारण है कि डायबिटीज, हृदय, किडनी जैसे रोगों के शिकार लोगों को कोरोना से बचाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतते रहने की सलाह दी जाती रही है। इस बीच एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोमोरबिडिटी वाले, विशेषकर डायबिटीज के शिकार जिन लोगों को संक्रमण हुआ था, उनमें अब इससे संबंधित गंभीर स्वास्थ्य जटिलताएं देखी जा रही हैं।
'अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी' में प्रकाशित
हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि मधुमेह के दौरान कोविड-19 से भी पीड़ित रह चुके लोगों में दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही हैं। अध्ययन के दौरान ऐसे लोगों में हृदय रोगों, विशेषकर हार्ट फेलियर की समस्या का जोखिम अधिक देखा जा रहा है।
अध्ययन में पाया गया है कि डायबिटिक रोगियों में कोरोनावायरस, हृदय में इंफ्लामेशन को बढ़ाने वाला हो सकता है जिससे हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। जो डायबिटिक रोगी, कोरोना संक्रमण के शिकार रह चुके हैं फिलहाल उन्हें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।