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Heart Health: हृदय स्वास्थ्य से संबंधित इन अफवाहों को आप भी तो नहीं मानते हैं सच? बहुत खतरनाक है ये बीमारी

Sun, 29 Dec 2024 07:40 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अकेले साल 2024 में विश्वभर में एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत हो गई। अनियमित दिनचर्या, असंतुलित आहार और व्यायाम की कमी हृदय रोगों का प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।  आइए हृदय रोगों से जुड़े कुछ मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में जानते हैं।
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हृदय रोगों से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
हृदय रोग दुनियाभर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है जो हर साल लाखों लोगों की मौत का कारण बनती है। डेथमीटर के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि अकेले साल 2024 में विश्वभर में एक करोड़ से अधिक लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से लोगों की दिनचर्या और आहार की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं, हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। इससे बचाव को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। 

आज के समय में अनियमित दिनचर्या, असंतुलित आहार और व्यायाम की कमी हृदय रोगों का प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं। खान-पान में गड़बड़ी जैसे फास्ट फूड, अधिक वसा और चीनी-नमक का सेवन भी हृदय पर अतिरिक्त दबाव बढ़ाते जा रहे हैं। अधिक नमक को ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाला माना जाता है इससे हृदय रोगों का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय रोगों का बढ़ता खतरा

डॉक्टर बताते हैं, हम में से अधिकतर लोग ज्यादा देर तक बैठकर काम करते रहते हैं, जिससे शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। यह एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है इससे न सिर्फ हृदय रोग बढ़ रहे हैं साथ ही कई प्रकार की अन्य क्रोनिक बीमारियों का भी जोखिम हो सकता है। चूंकि 20 से कम आयु वालों में भी ये बीमारी हो रही है इसलिए कम उम्र से ही हृदय को स्वस्थ रखने के लिए प्रयास करते रहना आवश्यक है।

हृदय रोगों के लक्षण, जोखिम कारक, और बचाव के उपायों के प्रति जागरूकता की कमी भी एक चुनौती है। डॉक्टर्स कहते हैं, हृदय रोगों के बारे में कई ऐसी गलत जानकारियां भी फैली हुई हैं जिन्हें अधिकतर लोग सच मानते आ रहे हैं। आइए हृदय रोगों से जुड़े कुछ मिथ्स और फैक्ट्स के बारे में जानते हैं।
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हृदय स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : Freepik.com
मिथ- सीने में दर्द न हो तो इसका मतलब है कि आपक हृदय स्वस्थ है।

हृदय रोगों से बचाव के बारे में सभी लोगों को जानना और इससे बचाव के लिए प्रयास करते रहना आवश्यक है। हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में सीने में दर्द होने को प्रमुख लक्षण माना जाता है हालांकि हृदय रोगों में हमेशा सीने में दर्द प्रकट नहीं होते। कई बार इसके लक्षण अन्य अंगों में महसूस हो सकते हैं या बिल्कुल भी स्पष्ट नहीं होते।

अगर आपको अक्सर सांस लेने में दिक्कत, थकान, पीठ या जबड़े में दर्द या मतली जैसी समस्या होती है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए।

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हृदय रोगों का जोखिम - फोटो : Freepik.com
मिथ- केवल बुजुर्गों को हृदय रोग होता है।

यह धारणा गलत है कि हृदय रोग केवल बुजुर्गों में होता है। आधुनिक जीवनशैली के कारण युवा पीढ़ी में भी हृदय रोग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, तनावपूर्ण जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार, शारीरिक निष्क्रियता और धूम्रपान-शरीब जैसी आदतें हृदय रोगों का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र से हृदय की सेहत का ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।
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हृदय स्वास्थ्य को कैसे ठीक रखें? - फोटो : freepik.com
मिथ- केवल पुरुषों को हृदय रोग का अधिक खतरा होता है।

हृदय रोग का खतरा महिलाओं और पुरुषों दोनों में समान होता है, लेकिन महिलाओं में लक्षण अलग हो सकते हैं, जिससे उन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। महिलाओं में हृदय रोगों के कारण चक्कर आने, पेट में दर्द, हल्की थकावट की भी दिक्कत हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण महिलाओं में हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। महिला हो या पुरुष, बच्चे हों या बुजुर्ग सभी लोगों में हृदय रोगों का खतरा हो सकता है और इससे बचाव के लिए उपाय करते रहना जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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