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Year 2025: अगले साल मेंटल हेल्थ को कैसे रखें ठीक, स्ट्रेस-एंग्जाइटी से कैसे बचें? ये उपाय हैं मददगार

Sun, 29 Dec 2024 04:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मानसिक स्वास्थ्य की समस्या - फोटो : Freepik.com
मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं वैश्विक स्तर पर बढ़ती जा रही हैं। कोरोना महामारी के बाद इसका जोखिम और भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखना संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक माने जाते हैं, दोनों में से एक में भी होने वाली समस्या का असर दूसरे पर हो सकता है। युवाओं में तेजी से बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य विकारों जैसे स्ट्रेस-एंग्जाइटी और डिप्रेशन लेकर विशेषज्ञ अलर्ट करते हैं।

साल 2024 मानसिक स्वास्थ्य को लेकर काफी चुनौतीपूर्ण रहा, साल 2025 में इसके खतरे से बचे रहने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को पहले से ही सावधानी बरतते रहने की सलाह देते हैं। आइए जानते हैं कि अगले साल मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए क्या-क्या उपाए किए जा सकते हैं? 
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स्ट्रेस, डिप्रेशन से कैसे बचें? - फोटो : Freepik.com
मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहना जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य इन दिनों व्यापक रूप से चर्चा का विषय रहा है। मानसिक स्वास्थ्य यह निर्धारित करने में मदद करता है कि आप तनाव को कैसे संभालते हैं, दूसरों से कैसे संबंध बनाते हैं और कैसे फैसले लेते हैं। इनके अलावा मानसिक स्वास्थ्य का ठीक रहना आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक सुधारने के लिए जरूरी है। स्ट्रेस-एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मेंटल हेल्थ की दिक्कतें भविष्य में हृदय रोग जैसी गंभीर और जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

पर इससे बचाव कैसे किया जाए, नए साल में आप कौन-कौन से उपाय किए जा सकते हैं, आइए जानते हैं।
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अच्छी नींद जरूरी - फोटो : adobe stock
अच्छी नींद लेना जरूरी

मेंटल हेल्थ को ठीक रखने के लिए अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। अध्ययनों से पता चलता है कि अच्छी नींद सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य में भी अहम भूमिका निभाती है। साल 2021 के एक अध्ययन में 273,695 वयस्कों का डेटा शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग औसतन प्रति रात 6 घंटे या उससे कम सोते थे, उनमें स्ट्रेस-एंग्जाइटी होने की आशंका उन लोगों की तुलना में लगभग 2.5 गुना ज्यादा थी जो औसतन 6 घंटे से ज्यादा सोते थे। इसलिए सभी लोगों के लिए अच्छी नींद बहुत आवश्यक है।

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सोशल मीडिया से दूरी - फोटो : Adobe Stock
सोशल मीडिया पर कम समय बिताएं

लगातार दूसरे लोगों के जीवन के बारे में जानकारी लेते रहने की आदत, आपको तुलना करने पर मजबूर कर देती है। इससे आप खुद के बारे में कम सोचते है, जिससे चिंता और अवसाद की भावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि आप सोशल मीडिया पर कम समय बिताने के लिए प्रयास करें।

सोने से एक घंटे पहले फोन-कंप्यूटर जैसे स्क्रीन से दूरी बना लें और कम से कम समय सोशल मीडिया पर बिताएं। 
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व्यायाम की आदत बनाएं - फोटो : Adobe stock
व्यायाम की आदत बनाएं

शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को ठीक रखने के लिए नियमित व्यायाम की आदत बनाना जरूरी है। रोजाना हल्के स्तर के भी व्यायाम से तनाव से राहत पाने, मूड को बेहतर बनाने, नींद में सुधार करने में मदद मिल सकती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट के व्यायाम की आदत बनाएं। ये शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और आपके मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में सहायक है। वाकिंग-रनिंग जैसे हल्के स्तर के अभ्यास भी मददगार हैं। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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