फेफड़ों के अलावा हृदय रोगों का भी डर
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इन कारकों पर ध्यान देना जरूरी
प्रोफेसर ओम शंकर बताते हैं, ''कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण 10 दिनों से ज्यादा समय तक बने रहते हैं, उनमें हृदय रोगों की समस्या होने के खतरा अधिक पाया गया है। इसके अलावा जिन लोगों में कोरोना के गंभीर लक्षणों के चलते सांस की समस्या रही हो, या जिन्हें ऑक्सीजन देनी पड़ी हो, ऐसे लोगों में फेफड़ों के साथ-साथ वायरस हृदय को भी प्रभावित कर सकता है।