जीवनशैली और आहार संबंधी गड़बड़ी के चलते पिछले एक दशक में हृदय रोगों के मामले काफी बढ़ गए हैं। एक समय जहां हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या के तौर पर देखा जा रहा था, वहीं अब काफी कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। हृदय रोगों के कारण गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक की समस्या हो सकती है, जिसे जानलेवा माना जाता है। धमनियों में रुकावट के कारण जब हृदय में रक्त का संचार बाधित हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हाई कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप या कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसे कई कारणों से इस तरह की समस्या हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अगर जीवनशैली और आहार को ठीक रखा जाए तो हृदय रोग और हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा अगर हृदय रोगों का समय पर निदान और इलाज हो जाए तो इसके बढ़ने और हार्ट अटैक जैसे खतरे से बचाव करना आसान हो सकता है। छाती में दर्द, सांस की दिक्कत जैसे कई लक्षण हृदय रोगों का संकेत माने जाते हैं, पर क्या आप जानते हैं कि आंखों के माध्यम से भी हार्ट अटैक के जोखिम का पता लगाया जा सकता है? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।