हार्ट अटैक के बाद सीपीआर देने के लाभ
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हार्ट अटैक में सीपीआर से बच सकती है जान
हार्ट अटैक से बचाव के बारे में डॉक्टर कहते हैं, यदि किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक के लक्षण जैसे सीने में दर्द या दबाव दिखे, दर्द जो कंधे, बांह, पीठ, गर्दन, जबड़े तक बढ़ रहा हो, ठंडा पसीना आ रहा हो तो ऐसी स्थिति में सीपीआर तकनीक की मदद से भी जान बचाई जा सकती है। इसमें रोगी की छाती को एक मिनट में 100 से 120 बार तेजी से पुश करना होता है। ये रक्त के संचार को पुन: जारी रखने में मदद करती है जिससे भी रोगी की जान बच सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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