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ध्यान दें: क्या है कार्डियक अरेस्ट? लक्षण से लेकर बचाव के तरीके तक, यहां जानें सबकुछ

Sat, 03 Jul 2021 01:21 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डॉ मधुर जैन
हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरोलॉजिस्ट
अनुभव- 10 साल से ज्यादा

Medically Reviewed by Dr. Madhur Jain

दुनिया में कई तरह की बीमारियां हैं, जो व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लेती हैं। हम इन बीमारियों से बचने के लिए एक अच्छा जीवन बिताते हैं, अच्छा आहार खाते हैं और साथ ही खुद को फिट रखने के लिए तमाम तरह के वर्कआउट और व्यायाम करते हैं। बावजूद इसके कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनके बारे में ढंग से जानते तक नहीं हैं और ये हमें अपना शिकार बना लेती हैं। ऐसी ही एक बीमारी है कार्डियक अरेस्ट, जिसके बारे में लोग बेहद कम जानते हैं। लेकिन ये एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें दिल अचानक से धड़कना बंद हो सकता है और दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है। हर साल कई हजार लोगों में से एक व्यक्ति की मौत इससे हो जाती है। तो चलिए जानते हैं इस बीमारी के बारे में, लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
क्या है कार्डियक अरेस्ट?
  • दरअसल, कुछ लोग कार्डियक अरेस्ट को हार्ट अटैक भी समझते हैं, लेकिन ये दोनों अलग है। यहां ये समझना जरूरी है कि हार्ट अटैक से ज्यादा खतरनाक कार्डियक अरेस्ट होता है। इस बीमारी में अगर समय पर इलाज न मिले, तो व्यक्ति की मौत तक हो सकती है। इसमें इलेक्ट्रिक इनबैलेंस के कारण दिल धड़कना बंद कर देता है, जिसकी वजह से व्यक्ति सांस नहीं ले पाता है और हांफने लगता है। ऐसे में समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ये हैं लक्षण

-अचानक होश खो बैठना और फिर अचानक गिर जाना। वहीं मरीज को हिलाने पर भी वो कोई प्रतिक्रया नहीं देता है

-दिल का अचानक तेजी से धड़कना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
-नॉर्मल तरीके से व्यक्ति सांस नहीं ले पाता है

-शरीर व दिमाग के अन्य हिस्सों में खून की आपूर्ति नहीं हो पाती है

-पल्स और ब्लड प्रेशर थम जाते हैं।
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CPR - फोटो : istock
ऐसे कर सकते हैं मदद

-अगर किसी व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आया है, तो आपको सबसे पहले तो आपातकालीन नंबर (अस्पताल के नंबर पर) पर फोन करके मदद मांगनी है।

-वहीं, आपको तुरंत मरीज को सीपीआर देना चाहिए। सीपीआर देकर भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।
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CPR - फोटो : istock
ऐसे दे सकते हैं सीपीआर

1. सीपीआर देने के लिए आपको सबसे पहले मरीज की छाती पर 30 बार दबाव डालना है। अपने दोनों हाथों को एक साथ बांधें और व्यक्ति की छाती के बीच में रखें। 

2. इसके बाद छाती के केंद्र यानी बीच में जोर से तेज धक्का दें। धक्का ऐसा हो, जिससे छाती लगभग एक इंच अंदर की तरफ जाए। इसे आपको एक मिनट में 100 बार की दर से दबाना है। इस दौरान ध्यान रहे कि कंप्रेशन के बीच छाती को पूरी तरह से ऊपर उठने दें। आपको सीपीआर तब तक देते रहना है, जब तक आपके पास मेडिकल सहायता न पहुंच जाए।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : social media
बचने के ये हैं उपाय

-इसके लिए सबसे जरूरी है कि आप फिट रहें और स्वस्थ रहें

-अच्छा आहार लें, जो पौष्टिक हो, कम कार्बोहाइड्रेट और कम कोलेस्ट्रॉल वाला हो

-कम तैलीय भोजन का सेवन करें। वहीं, मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें या न ही करें, तो बेहतर रहेगा क्योंकि इनसे वजन बढ़ सकता है और हृदय रोगों के जोखिम को ये बढ़ा सकते हैं
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
-शराब और धूम्रपान अगर आप करते हैं, तो आज ही त्याग दें क्योंकि ये हृदय संबंधी परेशानियों को बढ़ाने का काम करते हैं

-इससे बचने के लिए शारीरिक गतिविधि का काफी महत्व है।

नोट: डॉ मधुर जैन उजाला सिग्नस अस्पताल, रेवाड़ी में कार्डियोलॉजिस्ट और न्यूरोलॉजिस्ट हैं। इन्होंने तंजावुर मेडिकल कॉलेज, द तमिलनाडु डॉक्टर एमजीआर मेडिकल यूनिवर्सिटी से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसी के साथ डॉक्टर जैन ने नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन से डी.एन.बी मेडिसिन और डी.एन.बी  कार्डियोलॉजी किया है। इनके पास एम्स, वी.एम. एम. सी. सी और सफदरजंग अस्पताल सहित कई अस्पतालों में काम करने का 10 सालों से ज़्यादा का अनुभव है। डॉक्टर मधुर जैन के पास शरीर रचना विज्ञान, ईसीजी और प्रसूति, और स्त्री रोग में संमान का प्रमाण पत्र भी है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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