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Health Tips: कम उम्र में ही बढ़ रही हैं सफेद बालों की समस्या? जानें क्या है इसके पीछे की मूल वजह

Sat, 15 Nov 2025 05:36 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hair Pigmentation Loss: आज के दौर में कम उम्र में बाल सफेद होना बहुत आम बात है, जिससे बहुत से लोग ग्रसित हैं। ऐसे कई लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि आखिर इसके पीछे की मूल वजह क्या है? आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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सफेद बालों की समस्या - फोटो : Amar Ujala
Premature Grey Hair Cause: कम उम्र में ही बालों का सफेद होना आजकल एक आम समस्या बन गई है। इसे वैज्ञानिक भाषा में प्रीमेच्योर ग्रेइंग ऑफ हेयर कहते हैं। सामान्य तौर पर बाल 30 की उम्र के बाद सफेद होना शुरू होते हैं, लेकिन अब कई युवा 20 या उससे भी कम उम्र में इस समस्या का सामना कर रहे हैं। बाल सफेद होने का मुख्य कारण मेलानिन नामक पिगमेंट का उत्पादन कम होना या पूरी तरह बंद हो जाना है। 

मेलानिन ही वह तत्व है जो बालों को उनका प्राकृतिक रंग देता है। जब हेयर फॉलिकल्स में मेलानोसाइट्स कोशिकाएं मेलानिन बनाना बंद कर देती हैं, तो बाल रंगहीन हो जाते हैं और सफेद दिखने लगते हैं। इसके पीछे केवल बढ़ती उम्र ही नहीं, बल्कि कई जटिल आंतरिक और बाहरी कारक जिम्मेदार हैं। 

इस समस्या के मूल कारणों को समझना और उन्हें ठीक करना न सिर्फ बालों को प्राकृतिक रंगत वापस दिलाने में मदद कर सकता है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य को अच्छा रखने में मदद करता है।
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आनुवंशिकता है सफेद बालों का बड़ा कारण - फोटो : Adobe Stock
जेनेटिक कारक और आनुवंशिकता
कम उम्र में बाल सफेद होने का सबसे बड़ा और सबसे आम कारण आनुवंशिकता है। यदि आपके माता-पिता या परिवार के किसी करीबी सदस्य के बाल कम उम्र में सफेद हुए थे, तो आपके साथ भी ऐसा होने की संभावना अधिक है।

आपकी आनुवंशिक संरचना ही यह निर्धारित करती है कि आपके मेलानोसाइट्स कब मेलानिन बनाना बंद करेंगे। दुर्भाग्य से आनुवंशिक रूप से निर्धारित समय से पहले सफेदी को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली से इसकी प्रक्रिया को धीमा जरूर किया जा सकता है। 
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सफेद बालों की समस्या - फोटो : Adobe Stock
ऑक्सीडेटिव तनाव
आधुनिक जीवनशैली में बढ़ा हुआ ऑक्सीडेटिव तनाव एक प्रमुख गैर-आनुवंशिक कारण है। यह तब होता है जब तनाव, नींद की कमी, धूम्रपान और खराब आहार आपके लाइफस्टाइल का हिस्सा हो जाते हैं, जो सीधे मेलानोसाइट्स कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

यह कोशिकाओं को मेलानिन बनाने में बाधा उत्पन्न करते हैं, जिससे बालों की सफेदी समय से पहले ही आ जाती है। स्वस्थ खान-पान और तनाव प्रबंधन द्वारा इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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सफेद बालों की समस्या - फोटो : Adobe Stock
पोषण की कमी और आहार
बालों के स्वास्थ्य के लिए कुछ विटामिन और खनिज अत्यंत आवश्यक हैं, और इनकी कमी समय से पहले सफेदी का कारण बन सकती है। विटामिन B12 की कमी, आयरन और कॉपर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की कमी सीधे मेलानिन उत्पादन को बाधित करती है। इसलिए संतुलित आहार लेना और, जरूरत पड़ने पर, डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लेना बहुत जरूरी है।

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थायरॉइ़ड - फोटो : Adobe Stock
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी हैं जिम्मेदार
कुछ अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियां भी बालों के रंग को प्रभावित कर सकती हैं। थायराइड ग्रंथि की समस्याएं (हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म), एनीमिया, और विटिलिगो जैसी ऑटोइम्यून बीमारियां बालों के पिगमेंटेशन को प्रभावित करती हैं।

इन बीमारियों के कारण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कभी-कभी मेलानिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देती है। अगर आपके सफेद बालों की समस्या अचानक और तेजी से बढ़ी है, तो डॉक्टर से मिलकर इन स्थितियों की जांच करवाएं, समय रहते अगर इलाज शुरू होता है इस समस्या को ठीक किया जा सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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