Anemia in Pregnancy India: नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 5 के मुताबिक देश की लगभग 52.2% गर्भवती महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही हैं। यह स्थिति केवल एक सामान्य पोषण की कमी नहीं है, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य संकट है जो मातृ मृत्यु दर और समय से पहले प्रसव के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। गर्भावस्था के दौरान शरीर को सामान्य से अधिक खून की आवश्यकता होती है ताकि भ्रूण का विकास सही ढंग से हो सके।
जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरता है, तो हृदय पर दबाव बढ़ता है और शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसके कारण न केवल मां को अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होती है, बल्कि जन्म लेने वाले शिशु में भी कम वजन और विकास संबंधी विकारों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एनीमिया की यह व्यापक दर देश के भविष्य के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिसे समय रहते पहचानना और उपचार करना बहुत जरूरी है।