फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Health Tips: दूध से जुड़े इन मिथकों को कहीं आप भी तो नहीं मानते हैं सच, डॉक्टर से जान लें हकीकत

Wed, 14 Jan 2026 08:45 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Milk Consumption Myths: दूध को लेकर हमारे समाज में कई तरह के मिथक हैं, बहुत से लोग इन मिथकों को मानकर या तो इसका गलत सेवन कर रहे हैं या पूरी तरह से छोड़ दिए हैं। इसलिए आइए इस लेख में कुछ प्रचलित मिथकों की सच्चाई के बारे में विस्तार से विस्तार से जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
दूध के बारे में बड़े मिथक - फोटो : Amar Ujala
Milk Related Myths: दूध को लेकर हमारे समाज में सदियों से कई तरह की धारणाएं बनी हुई हैं। कुछ लोग इसे 'अमृत' मानते हैं, तो वहीं सोशल मीडिया के दौर में अब कई लोग इसे बीमारियों की जड़ बताने लगे हैं। इसी भ्रम को दूर करने के लिए फेमश डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने एक विशेष वीडियो साझा कर दूध से जुड़े कुछ बड़े मिथकों की हकीकत बताई है। डॉक्टर का कहना है कि दूध आपकी सेहत बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसका सेवन कैसे और किस रूप में कर रहे हैं। 

अक्सर लोग दूध को 'संपूर्ण आहार' मानकर इसका सेवन करते हैं या फिर इसे डायबिटीज और सूजन बढ़ाने वाला मानकर पूरी तरह बंद कर देते हैं। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सच्चाई इसके काफी उलट है। दूध के पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन B12 शरीर के लिए अनिवार्य हैं, बशर्ते आप दूध की गुणवत्ता और अपनी शारीरिक जरूरतों को समझें। इसलिए आइए इस लेख में दूध से जुड़े उन भ्रमों के बारे में  जानते हैं, जिसे कुछ लोग सच मानते हैं।

 
विज्ञापन

2 of 5
milk - फोटो : Adobe stock
क्या दूध वास्तव में एक संपूर्ण भोजन है?
सबसे बड़ा भ्रम यह है कि दूध एक 'संपूर्ण भोजन' है। डॉक्टर शालिनी के अनुसार यह पूरी तरह सच नहीं है। हालांकि दूध में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन B12 प्रचुर मात्रा में होता है, लेकिन इसमें आयरन, फाइबर और विटामिन-सी जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की कमी होती है। इसलिए संतुलित भोजन को छोड़कर केवल दूध पर निर्भर रहना शरीर में पोषण संबंधी कमी पैदा कर सकता है। दूध आहार का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह संपूर्ण भोजन का विकल्प नहीं है।

ये भी पढ़ें- Cancer Risk: रोजाना खाई जाने वाली ये चीजें बढ़ा सकती हैं कैंसर का खतरा, कहीं आपके 'प्लेट में जहर' तो नहीं?
 
विज्ञापन

3 of 5
डायबिटीज का खतरा - फोटो : Freepik.com
क्या दूध पीने से बढ़ता है शुगर लेवल?
डायबिटीज के मरीजों में यह डर रहता है कि दूध पीने से 'शुगर स्पाइक' होगा। हकीकत यह है कि दूध में मौजूद प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की अच्छी मात्रा शुगर के अवशोषण को धीमा कर देती है, जिससे अचानक शुगर नहीं बढ़ती। समस्या तब होती है जब लोग मिलावटी या अत्यधिक हाई फैट वाला दूध पीते हैं। अगर दूध शुद्ध है और फैट संतुलित है, तो यह शुगर के लिए सुरक्षित है।

ये भी पढ़ें- Appendix: आपको भी पेट में होता रहता है दर्द? कहीं ये अपेंडिक्स तो नहीं, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

4 of 5
हल्दी वाला दूध के फायदे - फोटो : freepik.com
हल्दी और काली मिर्च वाला दूध?
अक्सर माना जाता है कि दूध हमेशा हल्दी और काली मिर्च के साथ ही पीना चाहिए। डॉक्टर इसे एक बड़ा मिथक बताती हैं। उनके अनुसार, हल्दी वाला दूध केवल तभी फायदेमंद है जब शरीर में सूजन हो या किसी विशेषज्ञ ने इसकी सलाह दी हो। बिना कारण रोजाना औषधीय मसालों का अधिक सेवन हर किसी के लिए जरूरी या सही नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
milk - फोटो : Adobe stock
मिलावट और फैट का सही चुनाव है असली चुनौती
यह समझना जरूरी है कि दूध अपने आप में डायबिटीज या सूजन नहीं बढ़ाता। असली समस्या मिलावट और अधिक फैट की है। अगर आप मिलावटी या अत्यधिक फैट वाला दूध लेते हैं, तो यह मोटापे और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। डॉक्टर शालिनी की सलाह है कि दूध को मॉडरेशन में पिएं और कोशिश करें कि रात में सोने से पहले दूध जरूर लें इससे अच्छी नींद आती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें