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Health Tips: कोलेस्ट्रॉल और बीपी नॉर्मल होने के बाद भी आ सकता है हार्ट अटैक, डॉक्टर से जान लें इसके मूल कारण

Fri, 23 Jan 2026 01:57 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Heart Attack with Good Blood Pressure :आज के समय में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ते हैं जा रहे हैं। हार्ट अटैक बढ़ने के पीछे का बड़ा कारण हाई बीपी और कोलेस्ट्रॉल को माना जाता है, मगर इसके अलावा भी कुछ शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिसके जो हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं, आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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हार्ट अटैक - फोटो : Adobe stock photos
Heart Attack With Normal Blood Pressure: अक्सर हम मानते हैं कि अगर हमारी ब्लड रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर का लेवल सामान्य है, तो हमारा दिल पूरी तरह सुरक्षित है। मगर यह धारणा पूरी तरह सच नहीं है, इसी विषय पर डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक जरूरी जानकारी साझा की है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। उन्होंने बताया है कि रिपोर्ट में बीपी और कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल आने के बावजूद अचानक हार्ट अटैक आना संभव है, क्योंकि हृदय रोग के पीछे अन्य कई 'अदृश्य' कारण भी जिम्मेदार होते हैं। 

यह स्थिति उन लोगों के लिए अधिक खतरनाक है जो अपनी रिपोर्ट्स पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं और जीवनशैली की अन्य गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टर सोलंकी के अनुसार हार्ट अटैक केवल बीपी और कोलेस्ट्रॉल का खेल नहीं है, बल्कि यह शरीर के भीतर छिपी अन्य समस्याओं के कारण भी हो सकता है। आइए इस लेख में हम उन पांच प्रमुख कारणों के बारे में जानते हैं जो हार्ट अटैक का कारण बन सकते हैं।
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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
बीपी और कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने पर भी हार्ट अटैक क्यों आता है?
डॉक्टर सोलंकी के अनुसार शरीर में छिपी हुई सूजन इसका सबसे बड़ा कारण है। जब खून में 'होमोसिस्टीन' का लेवल बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो यह संकेत देता है कि शरीर के भीतर सूजन अधिक है। यह सूजन धमनियों में जमे प्लाक को अनस्टेबल कर देती है, जो कभी भी फट सकता है और अचानक हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।

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डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
इंसुलिन रेजिस्टेंस और पेट की चर्बी दिल के लिए कितनी खतरनाक है?
दूसरा प्रमुख कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस और पेट की चर्बी (बेली फैट) है। डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि भले ही आपका शुगर लेवल फिलहाल कम या नॉर्मल हो, लेकिन अगर आपको इंसुलिन रेजिस्टेंस है और पेट पर अधिक चर्बी जमा है, तो यह आपकी धमनियों को भीतर से डैमेज करना शुरू कर देता है। यह आंतरिक क्षति हार्ट अटैक के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती है।

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कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Adobe Stock
क्या 'स्मॉल डेंस LDL' कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट का सबसे बड़ा धोखा है?
अक्सर सामान्य कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट में 'स्मॉल डेंस LDL' का पता नहीं चलता। डॉक्टर सोलंकी के मुताबिक भले ही कुल कोलेस्ट्रॉल नॉर्मल हो, लेकिन ये छोटे और डेंस कण धमनियों की दीवारों के भीतर घुसकर प्लाक बनाते हैं। यह स्थिति अत्यधिक तनाव से ट्रिगर होती है, जिससे धमनियां अचानक ब्लॉक हो सकती है और व्यक्ति को गंभीर दौरा पड़ सकता है।
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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
पाचन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य का दिल से क्या संबंध है?
डॉक्टर ने चौंकाने वाली बात बताई कि आंतों की समस्याएं जैसे बार-बार ब्लोटिंग होना भी हृदय रोग से जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा अत्यधिक तनाव, बार-बार गुस्सा करना और नींद की भारी कमी भी दिल की सेहत के लिए सबसे बड़े दुश्मन हैं। बहुत ज्यादा तनाव और नींद की कमी सीधे तौर पर दिल की धड़कन और धमनियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर भविष्य के खतरे को बढ़ाते हैं।
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हाई कोलेस्ट्रॉल - फोटो : Freepik.com
क्या करें?
यह खबर हमें सिखाती है कि हृदय स्वास्थ्य केवल कोलेस्ट्रॉल के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। डॉक्टर सोलंकी की यह सलाह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें 'मेटाबॉलिक हेल्थ' और 'इन्फ्लेमेशन' पर ध्यान देने की प्रेरणा देती है। अपने गुस्से पर काबू करें, पेट की सेहत का ध्यान रखें और भरपूर नींद लें। आपका दिल आपकी पूरी जीवनशैली का प्रतिबिंब है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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