फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Thyroid: थायरॉइड के मरीजों को इन सब्जियों से करना चाहिए परहेज, वरना बढ़ सकती है समस्या

Tue, 22 Jul 2025 07:58 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Thyroid Patient Food Avoid: थायराइड ग्रंथि हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है, लेकिन जब यह ठीक से काम नहीं करती तो कई समस्याएं होती हैं। थायराइड के मरीजों के लिए दवाइयों के साथ सही खान-पान भी बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।P
विज्ञापन
1 of 5
थाइरॉइड की समस्या - फोटो : Freepik.com
Health Tips for Thyroid: हमारे गले में मौजूद थायराइड ग्रंथि एक छोटा सा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण अंग है। यह ऐसे हार्मोन बनाती है जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म (भोजन को ऊर्जा में बदलना), ऊर्जा के स्तर और शरीर के तापमान को नियंत्रित करते हैं। जब थायराइड ठीक से काम नहीं करता, तो कई तरह की समस्याएं शुरू हो जाती हैं, खासकर हाइपोथायरायडिज्म में, जहां थायराइड हार्मोन कम बनते हैं।

थायराइड के मरीजों के लिए दवाइयों के साथ-साथ सही खान-पान का भी बहुत महत्व रखता है। कुछ सब्जियां, जो आमतौर पर स्वस्थ मानी जाती हैं, वे थायराइड की समस्या को बढ़ा सकती हैं। आइए जानते हैं किन सब्जियों से थायराइड के मरीजों को परहेज करना चाहिए या उन्हें सावधानी से खाना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 5
गोभी - फोटो : अमर उजाला
गोभी परिवार की सब्जियां (गोइट्रोजेन)
थायराइड के मरीजों को कुछ खास सब्जियों से सावधान रहना चाहिए, जिन्हें गोइट्रोजेनिक कहा जाता है। ये ऐसे यौगिक होते हैं जो थायराइड ग्रंथि के आयोडीन सोखने की क्षमता में रुकावट डाल सकते हैं। आयोडीन थायराइड हार्मोन बनाने के लिए बहुत जरूरी होता है। इस श्रेणी में मुख्य रूप से पत्ता गोभी, फूल गोभी, ब्रोकोली, और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी क्रूसिफेरस सब्जियां आती हैं। इन सब्जियों में ग्लूकोसिनोलेट्स नामक पदार्थ होते हैं, जो शरीर में थायराइड के कार्य में बाधा डाल सकते हैं।

ये भी पढ़ें- World Brain Day 2025: मुंह की गंदगी बढ़ा रही है दिमाग के लिए खतरा, स्ट्रोक का भी हो सकते हैं शिकार
विज्ञापन

3 of 5
गोभी - फोटो : अमर उजाला
कच्चा सेवन और अधिक मात्रा से बचें
हालांकि ये सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, लेकिन थायराइड के मरीजों को इन्हें कच्चा खाने से बचना चाहिए। कच्ची अवस्था में इनमें गोइट्रोजेनिक गुण अधिक होते हैं। जब आप इन्हें पकाकर (जैसे उबालकर या भाप में पकाकर) खाते हैं, तो इन यौगिकों का प्रभाव काफी कम हो जाता है। इसलिए यदि आप थायराइड के मरीज हैं और इन सब्जियों को खाना चाहते हैं, तो हमेशा इन्हें अच्छी तरह पकाकर और सीमित मात्रा में ही खाएं। इन्हें जूस के रूप में या बड़ी मात्रा में कच्चा लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है।

ये भी पढ़ें- Insomnia: करवट बदलते हुए ही गुजर जाती है रातें? नींद न आने की समस्या से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
 

4 of 5
डॉक्टर - फोटो : Freepik.com
अन्य विचार और विशेषज्ञ की सलाह
इन सब्जियों के अलावा, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार सोया उत्पाद भी गोइट्रोजेनिक हो सकते हैं, इसलिए थायराइड के मरीजों को इनका सेवन भी संयम से करना चाहिए। इसके साथ ही, प्रोसेस्ड फूड और ग्लूटेन का सेवन भी कुछ थायराइड मरीजों, खासकर हाशिमोटो के थायराइडाइटिस वाले लोगों के लिए समस्याग्रस्त हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
थायराइड - फोटो : Freepik.com
यह समझना महत्वपूर्ण है कि केवल खान-पान से थायराइड का इलाज नहीं हो सकता, यह केवल दवाइयों के साथ सहायक हो सकता है। यदि आप थायराइड के मरीज हैं, तो हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लें। वे आपकी व्यक्तिगत स्थिति और जरूरत के हिसाब से सही आहार योजना बनाने में मदद कर सकते हैं। अपनी मर्जी से किसी भी सब्जी को पूरी तरह बंद करने या कोई बड़ा आहार परिवर्तन करने से बचें, क्योंकि इससे अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें