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Health Tips: तनाव और एंजाइटी को दूर कर सकती है '4-7-8 ब्रीदिंग' तकनीक, कुछ ही मिनटों में मिलेगा आराम

Mon, 29 Sep 2025 05:06 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज की भागदौड़ भरी आधुनिक दिनचर्या में मानसिक तनाव होना बहुत आम बात है। लेकिन इस तनाव से छुटकारा पाना एक जटिल काम है। ऐसे में तनाव और एग्जाइटी से राहत पाने के लिए 4-7-8 श्वास तकनीक को अपना सकते हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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स्ट्रेस और एग्जाइटी कैसे कम करें? - फोटो : Freepik.com
4-7-8 breathing technique: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और एंजाइटी एक आम समस्या बन गई है, जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं। कई बार बेचैनी और घबराहट इतनी बढ़ जाती है कि समझ नहीं आता कि इसे तुरंत कैसे नियंत्रित किया जाए। ऐसी स्थिति में, सांसों पर आधारित एक सरल तकनीक आपके लिए 'हीलर' की तरह काम कर सकती है।

इस तकनीक को '4-7-8 ब्रीदिंग' कहा जाता है, जिसे प्रसिद्ध अमेरिकी डॉक्टर एंड्रयू वेल ने लोकप्रिय बनाया है। यह योग के प्राणायाम पर आधारित एक वैज्ञानिक तकनीक है, जो नर्वस सिस्टम को शांत कर कुछ ही मिनटों में आराम पहुंचाने में मदद करती है।
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दफ्तर में काम करती महिला - फोटो : Adobe
क्या है '4-7-8 ब्रीदिंग' तकनीक?
यह सांस लेने और छोड़ने का एक विशेष तरीका है। इसमें सबसे पहले 4 सेकंड तक सांस लेना है, फिर 7 सेकंड तक उसे रोके रखना और 8 सेकंड तक उसे धीरे-धीरे छोड़ना है। इस तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 8 सेकंड की लंबी सांस छोड़ने की प्रक्रिया है।

यह प्रक्रिया पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करती है, जो शरीर के 'रेस्ट एंड डाइजेस्ट' मोड को शुरू करता है और 'फाइट और फ्लाइट' प्रतिक्रिया को तुरंत कम कर देता है, जिससे हृदय गति धीमी होती है और मन शांत होता है।

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स्ट्रेस और एग्जाइटी - फोटो : इंस्टाग्राम
कैसे करें इस तकनीक का अभ्यास?
इस तकनीक का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले एक शांत जगह पर आराम से बैठ या लेट जाएं और अपनी जीभ की नोक को ऊपर के दांतों के ठीक पीछे वाली जगह पर टिका लें। इस प्रक्रिया की शुरुआत में मुंह से 'व्हूश' की आवाज करते हुए सारी हवा बाहर निकालें। इसके बाद अपना मुंह बंद करें और नाक से धीरे-धीरे 4 तक गिनते हुए सांस अंदर भरें।

अब अपनी सांस को 7 सेकंड के लिए रोककर रखें और अंत में, 8 सेकंड तक गिनते हुए मुंह से फिर 'व्हूश' की आवाज के साथ सांस को पूरी तरह बाहर छोड़ दें। इतना करने के बाद एक साइकिल पूरा होता है, अब इस प्रक्रिया को कुल चार बार दोहराएं।

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मेडिटेशन के कई सारे फायदे - फोटो : Freepik.com
कैसे काम करती है यह तकनीक?
जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारी सांसें छोटी और तेज हो जाती हैं। '4-7-8' तकनीक इस पैटर्न को तोड़ने में मदद करती है। 7 सेकंड तक सांस रोकने से शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन सोखने का अधिक समय मिलता है।

वहीं 8 सेकंड तक धीरे-धीरे सांस छोड़ने से रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा बाहर निकलती है, जो हृदय गति को धीमा कर मन को शांत करने में मदद करती है। यह तकनीक आपके दिमाग को चिंताओं से हटाकर सांसों की गिनती पर केंद्रित करती है, जिससे तुरंत राहत महसूस होता है।
 
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प्राणायाम - फोटो : Freepik.com
तनाव और एंजाइटी को तुरंत कम करने के अलावा, यह तकनीक नींद न आने की समस्या में भी बेहद कारगर है। रात को सोने से पहले इसका अभ्यास करने से आपको जल्दी नींद आ सकती है। यह तकनीक बेहद सरल है जिसे आप कहीं भी, कभी भी अपनाकर अपने मन को शांत कर सकते हैं और अपनी भावनाओं पर बेहतर नियंत्रण पा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इसके नियमित अभ्यास से दीर्घकालिक लाभ मिलते हैं। अगर आप क्रॉनिक मेंटल स्ट्रेस से परेशान हैं तो आपको काउंसलर की मदद लेनी चाहिए।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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