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Fatty Liver: दिनचर्या की इन गलत आदतों से बढ़ जाता है फैटी लिवर रोग का खतरा, आज से ही हो जाएं सावधान

Wed, 02 Jul 2025 07:53 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर कुछ लोगों को फैटी लिवर की समस्या होती है। इसके पीछे कई कारण हो सकता हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख कारण हमारे दिनचर्या की कुछ गलत आदतें हो सकती हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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लिवर - फोटो : Freepik.com
Lifestyle Cause Fatty Liver : आजकल फैटी लिवर रोग एक तेजी से बढ़ती हुई और चिंताजनक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जहां हमारे लिवर में सामान्य से अधिक फैट जमा हो जाती है। यह कोई साधारण बीमारी नहीं है, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जिसके दूरगामी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। फैटी लिवर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: अल्कोहलिक फैटी लिवर, जो शराब के अत्यधिक सेवन से जुड़ा है, और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर, जिसका संबंध हमारी आधुनिक, अक्सर खराब जीवनशैली से है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यदि इस रोग पर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, यहां तक कि लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण भी बन सकता है। भारत में लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं, और इसकी जड़ में अक्सर हमारी दिनचर्या की कुछ गलत आदतें ही देखने को मिलती हैं। आइए इस लेख में हम ऐसे ही चार प्रमुख आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जो फैटी लिवर के खतरे को बढ़ाती हैं, साथ ही इससे बचाव के प्रभावी उपायों पर भी चर्चा करेंगे ताकि आप अपने लिवर को स्वस्थ रख सकें।
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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
अधिक तला-भुना और प्रोसेस्ड भोजन
फास्ट फूड, तले हुए स्नैक्स और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों में सैचुरेटेड फैट और चीनी की मात्रा अधिक होती है, जो लिवर में फैट जमा करती है। नियमित रूप से जंक फूड खाने से लिवर पर दबाव पड़ता है और सूजन बढ़ती है। इसके बजाय, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे दाल और पनीर, डाइट में शामिल करें।

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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान - फोटो : Freepik.com
गतिहीन जीवनशैली
लंबे समय तक बैठे रहना और व्यायाम की कमी मोटापे और फैटी लिवर का कारण बनती है। गतिहीन जीवनशैली मेटाबॉलिज्म को धीमा करती है, जिससे वसा लिवर में जमा होने लगती है। रोजाना कम से कम 30 मिनट की सैर, योग या हल्का व्यायाम करें। यह लिवर को स्वस्थ रखता है और वजन नियंत्रित करता है। नियमित शारीरिक गतिविधि रक्त संचार को भी बेहतर बनाती है।

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शराब के नुकसान - फोटो : Freepik.com
शराब का सेवन
शराब फैटी लिवर का सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। यह लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और उसमें फैट को बढ़ाती है। अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग समय के साथ सिरोसिस में बदल सकता है। कम मात्रा में भी शराब का सेवन आपके लिवर को प्रभावित करता है, इसलिए शराब नहीं पीना चाहिए। इसके बजाय गुनगुना पानी, हर्बल चाय या नींबू पानी पिएं। साथ ही लिवर को डिटॉक्स करने के लिए पर्याप्त पानी (2-3 लीटर रोज) पिएं।
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नो शुगर - फोटो : Freepik.com
अधिक मात्रा में चीनी का सेवन
अधिक मात्रा में चीनी का सेवन फैटी लिवर रोग का एक प्रमुख कारण है। चीनी खाने से लिवर में फैट बढ़ती है। जब हमारा लिवर ज्यादा चीनी पचाता है, तो वह उसे ट्राइग्लिसराइड्स नाम के फैट में बदल देता है। इसी वजह से नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति समय के साथ लिवर में सूजन और सिरोसिस का कारण बन सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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