Doctor Advice Mental Health: मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की एक बड़ी चुनौती बन गया है, लेकिन अक्सर लोग अवसाद या डिप्रेशन को केवल 'दुख' समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तव में डिप्रेशन सिर्फ मन की उदासी नहीं है, बल्कि यह शरीर में होने वाले रासायनिक परिवर्तनों का परिणाम है।
जब हमारे मस्तिष्क में खुशी और उत्साह महसूस कराने वाले न्यूरोट्रांसमीटर, जैसे डोपामीन और सेरोटोनिन, का स्तर धीरे-धीरे गिरने लगता है, तो शरीर और व्यवहार दोनों में बदलाव आने लगते हैं। डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण इतने साधारण होते हैं कि व्यक्ति इन्हें आलस या सामान्य थकान समझ लेता है। समय रहते अगर इन संकेतों को पहचान लिया जाए, तो इस बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही आपको एक मरीज बनने से बचा सकती है। इसी विषय की गंभीरता को समझाते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर डिप्रेशन के पांच प्रमुख चेतावनी संकेतों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।