डॉ. विनय धीर,
चेयरमैन, इंस्टिट्यूट ऑफ डायजेस्टिव एन्ड लिवर केयर,
एसएल रहेजा हॉस्पिटल,
मुम्बई
Medically Reviewed by Dr. Vinay Dheer
पानी का साफ न होना सबसे बड़ा मुद्दा: बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा जिस चीज से खतरा हो सकता है। वह है कच्चा पानी। यानी वह पानी जो आमतौर पर रेहड़ी, ठेलों या होटलों आदि में उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा कच्चे फल और सलाद भी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। यह मौसम बैक्टीरिया, जर्म्स आदि के आसानी से पनपने की वजह होता है। साथ में मौसम में मौजूद नमी इसको और बढ़ावा दे देती है। पानी का साफ न होना एक बड़ा इशू है। जब ऐसे पानी से भरी पानी-पूरी, चाट आदि आप खाएंगे तो टाइफाइड से लेकर हेपेटाइटिस के कई प्रकार, जॉइंडिस यानी पीलिया, कई तरह की गैस्ट्रोइंटराइटिस आदि जैसी बीमारियों का शिकार होने की आशंका बढ़ जाएगी।
कोरोना में डबल सतर्कता की जरूरत: जाहिर है कि जब बारिश के मौसम में पहले से ही समस्याएं बढ़ जाती हैं तो कोरोना जैसे संकमण में तो और भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। अभी के समय में हाइजीन को लेकर सावधानी को डबल करना ही होगा। वरना बाकी समस्याओं के साथ कोरोना संक्रमण के होने का भी खतरा बढ़ जाएगा।