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आज का हेल्थ टिप्स: ऐसी तीन गलतियां बढ़ा सकती हैं हार्ट अटैक का जोखिम, कहीं आप भी तो नहीं करते हैं ऐसे काम?

Tue, 18 Jan 2022 11:44 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हार्ट अटैक का बढ़ता जोखिम - फोटो : Pixabay
पिछले एक दशक में जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण जिन रोगों के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं, हृदय रोग उनमें से एक हैं। गंभीर मामलों में ऐसे रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर हृदय रोगों को उम्र बढ़ने के साथ होने वाली समस्या माना जाता रहा है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कम उम्र के लोग भी इस गंभीर समस्या के तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दिल का दौरा तब पड़ता है जब हृदय में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। इस तरह की रुकावट आमतौर पर वाहिकाओं में  वसा, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थों के निर्माण के कारण होती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हम रोजाना जाने-अनजाने कुछ ऐसी चीजें करते हैं जिसके कारण हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है, सभी लोगों को इस बारे में जानना और उससे बचाव करते रहना आवश्यक होता है। अपनी आदतों में सुधार करके हम हार्ट अटैक के जोखिम को कई गुना तक कम कर सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि आखिर कौन सी आदतें हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा देती हैं, जिससे समय रहते दूरी बना लेना आवश्यक होता है।
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अधिक वजन के कारण हृदय रोगों की समस्या - फोटो : iStock
वजन पर नियंत्रण न रखना
आज के समय में अधिकतर लोगों को अधिक वजन या मोटापे की समस्या है, स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे हार्ट अटैक के जोखिम कारकों में से एक मानते हैं। मोटापा के कारण हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल, हाई ट्राइग्लिसराइड, हाई ब्लड प्रेशर और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है, यह सभी स्थितियां हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा देती हैं। शरीर के वजन का सिर्फ 10% तक कम करने से भी यह जोखिम कम हो सकता है। हार्ट अटैक से बचे रहने के लिए वजन को नियंत्रित करें।
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शारीरिक निष्क्रियता है नुकसानदायक - फोटो : istock
शारीरिक निष्क्रियता
यदि आपको भी आराम तलब जिंदगी पसंद है तो आपकी यह आदत हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती है। शारीरिक निष्क्रियता से हृदय रोगों का जोखिम कई गुना तक बढ़ जाता है। शरीर के निष्क्रिय होने से धमनियों में वसायुक्त पदार्थ का निर्माण होने लगता है। यदि आपके हृदय में रक्त ले जाने वाली धमनियां क्षतिग्रस्त या बंद हो जाती हैं, तो इससे दिल का दौरा पड़ सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को रोजाना व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। नियमित व्यायाम करने से हार्ट अटैक और हृदय रोगों का जोखिम 40 फीसदी तक कम हो जाता है।
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धूम्रपान से बना लें दूरी - फोटो : Pixabay
धूम्रपान और तनाव
अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान करने और अधिक तनाव लेने वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान करने से समय के साथ धमनियों में प्लाक बनने लगता है। इससे धमनियों में संकुचन और  हृदय में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है जिसके कारण दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह से तनाव अधिक लेने से ब्लड प्रेशर की समस्या भी बढ़ जाती है, जिसे हृदय रोगों के मुख्य कारक के रूप में देखा जाता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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