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Health Alert: समय से पहले ही आपको बूढ़ा बना देगी ये आदत, हार्ट अटैक और स्ट्रोक से मौत का भी बढ़ जाता है खतरा

Fri, 15 Nov 2024 01:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

किन आदतों के कारण आप समय से पहले बूढ़े हो सकते हैं इसको लेकर विशेषज्ञों ने अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसमें जिस आदत को सबसे बड़ा कारण माना गया है उससे बड़ी संख्या में लोग शिकार हैं?
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समय से पहले बुढ़ापे का खतरा - फोटो : Freepik.com
आमतौर पर 50-55 की आयु को भारत में बुढ़ापे की तरफ बढ़ने वाला माना जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि कुछ आदतें आपको समय से पहले ही बुढ़ापा का शिकार बना सकती हैं? जी हां, ये सच है कि हमारी दिनचर्या की कुछ गड़बड़ आदतें और खान-पान में गड़बड़ी का भी त्वचा और लुक पर नकारात्मक असर हो सकता है। इतना ही नहीं आप 40 की उम्र में न सिर्फ 50-60 वालों की तरह दिखने लगते हैं, साथ ही शरीर और मस्तिष्क पर इसका असर हो सकता है।

किन आदतों के कारण आप समय से पहले बूढ़े हो सकते हैं इसको लेकर विशेषज्ञों ने अध्ययनों का विश्लेषण किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दिनचर्या की जिन आदतों को सबसे बड़ा कारण माना है उनमें लंबे समय तक बैठे रहने की आदत को प्रमुख पाया गया है।

लगातार छह से आठ घंटे बैठे रहने की आदत के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों को लेकर पहले भी अलर्ट किया जाता रहा था। विशेषज्ञों ने कहा, ये आदत आपको समय से पहले बूढ़ा भी बना रही है। 
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ज्यादा बैठने के नुकसान - फोटो : freepik.com
लंबे समय तक बैठे रहना नुकसानदायक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निष्कर्ष में पाया है कि गतिहीन जीवनशैली सभी उम्र के लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। लंबे समय तक बैठे रहने से इसका जोखिम और भी अधिक हो सकता है। ऑफिस जाने वाले लोगों में ये समस्या ज्यादा देखी जाती रही है। दिन के दौरान आप जितना अधिक बैठे रहते हैं, स्वस्थ जीवन के लिए ये उतना ही खतरनाक प्रवृत्ति है।

गतिहीन जीवनशैली के कारण वजन बढ़ने, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोग विकसित होने का खतरा तो रहता ही है साथ ही इसके कारण आप समय से पहले बुढ़ापे का भी शिकार हो सकते हैं। 
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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान - फोटो : Freepik.com
हो सकते हैं कई दुष्प्रभाव

वेबएमडी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। जो लोग दिन के अधिकतर समय बैठे रहते हैं उनका दिमाग बिल्कुल डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति जैसा होने लग जाता है। ज्यादा देर से बैठने से हृदय रोग, मधुमेह, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल का जोखिम भी बढ़ जाता है, जो शरीर को उसी तरह से परिवर्तित कर देती हैं जैसे बुढ़ापे में होता है।

दिनभर चलते-फिरते रहने वाले लोगों की तुलना में अधिकतर समय बैठकर बिताने या गतिहीन जीवनशैली वालों में इस तरह के गंभीर दुष्प्रभाव अधिक देखे जाते रहे हैं। 

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हृदय रोगों के जोखिम कारक - फोटो : Freepik.com
हृदय रोगों का बढ़ जाता है खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि लंबे समय तक बैठे रहने की आदत आपमें समय से पहले हृदय रोगों को बढ़ाने वाली भी हो सकती है। अध्ययन में पाया गया कि जो पुरुष सप्ताह में 23 घंटे से अधिक बैठे रहते हैं उनमें हृदय रोगों के विकसित होने और इससे मृत्यु का जोखिम अन्य लोगों की तुलना में 64 प्रतिशत अधिक हो सकता है। ये दिल का दौरा या स्ट्रोक होने के खतरे को 147 प्रतिशत तक बढ़ाने वाली समस्या हो सकती है।

हृदय रोगों की स्थिति में शरीर कमजोर होने लगता है और इसके दुष्प्रभाव आपमें समय पूर्व बुजुर्ग होने के लक्षण प्रकट कर सकते हैं।
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ज्यादा बैठने से बचें - फोटो : freepik.com
समय से पहले मृत्यु का जोखिम

लंबे समय तक या अक्सर बैठे रहने के कारण शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव या समय से पहले बुढ़ापे का जोखिम तो रहता ही है साथ ही ये समय से पहले मृत्यु के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। इसको समझने के लिए शोधकर्ताओं ने बैठने के समय और गतिविधि के स्तर वाले 13 अध्ययनों का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि जो लोग बिना किसी शारीरिक गतिविधि के दिन में आठ घंटे से अधिक समय तक बैठे रहते हैं, उनमें मोटापा और समय से पहले मृत्यु का कारण बनने वाली बीमारियों का जोखिम अधिक हो सकता है।


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स्रोत और संदर्भ
Long sitting linked to an early death

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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