बढ़ता हुआ वजन कई तरह के रोगों का कारण बन सकता है। अध्ययनों में वजन बढ़ने के कारण हृदय रोग, डायबिटीज जैसी कई बीमारियों के खतरे के बारे में जिक्र मिलता है। वजन बढ़ना, विशेषकर पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी न सिर्फ आपके लुक को बिगाड़ देती है, साथ ही इसका असर आपकी मानसिक क्षमता पर भी पड़ सकता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने शरीर में वसा के अधिक जमाव के संज्ञानात्मक कार्य क्षमता पर नकारात्मक असर के बारे में पता लगाया है। अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि शरीर में अधिक फैट की मात्रा वय,स्कों में समय के साथ होने वाले विकास की रफ्तार को भी प्रभावित कर सकती है।
अब तक हुए तमाम अध्ययनों में वैज्ञानिक, बेली फैट या शरीर के अधिक वजन के कारण हृदय और डायबिटीज जैसे रोगों के बढ़ते खतरे के बारे में सचेत करते रहे हैं। अब
जामा जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में इसके बौद्धिक क्षमता पर नकारात्मक असर के बारे में पता चला है। शोधकर्ताओं का कहना है कि सभी लोगों को लगातार अपने वजन को नियंत्रित रखने के प्रयास करते रहने चाहिए। बढ़ा हुआ वजन कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में शरीर के अधिक फैट के संज्ञानात्मक कार्य क्षमता पर पड़ने वाले असर के बारे में जानते हैं।