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हवाना सिंड्रोम: इस 'रहस्यमयी रोग' की जांच करेगी भारत सरकार, अब तक यूएस राजनयिकों को होती रही है ये बीमारी

Fri, 11 Aug 2023 02:57 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हवाना सिंड्रोम के मामलों की जांच - फोटो : Pixabay
केंद्र सरकार रहस्यमयी बीमारी हवाना सिंड्रोम की जांच के लिए सहमत हो गई है। कर्नाटक उच्च न्यायालय (एचसी) में दायर एक  याचिका के जवाब में सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस विषय की जांच की जाएगी और तीन महीने में जवाब सौंपने के लक्ष्य से काम होगा। बेंगलुरु के.ए अमरनाथ चागु द्वारा दायर याचिका में बीमारी की जांच और इसके प्रसार को रोकने के लिए सरकार को निर्देश देने की भी मांग की गई थी। इस संदर्भ में 27 जुलाई के कोर्ट के आदेशानुसार इस रोग के बारे में जांच की जाएगी। 

गौरतलब है कि यह बीमारी मुख्यरूप से अमेरिकी राजनयिकों में देखी जाती रही है, जिसमें रोगी भटकाव की स्थिति, तेज आवाज और शोर सुनने, स्मृति हानि, संतुलन संबंधी समस्याओं और सिरदर्द की शिकायत करते रहे हैं।

भारत में साल 2021 में पहली बार इसका मामला सामने आया था। आइए जानते हैं कि आखिर हवाना सिंड्रोम को रहस्यमयी बीमारी क्यों माना जाता है?
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हवाना सिंड्रोम में सुनाई देती हैं आवाजें - फोटो : iStock
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों में देखे जाते रहे हैं इसके केस

वैश्विक स्तर पर साल 2016 में पहली बार हवाना सिंड्रोम के मामले क्यूबा में तैनात अमेरिकी खुफिया अधिकारियों और दूतावास के कर्मचारियों में रिपोर्ट किए गए थे। अगले वर्ष, दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अमेरिकी राजनयिकों ने भी इसी तरह के लक्षणों की शिकायत की। स्थिति की जांच करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा है कि हवाना सिंड्रोम, जिसे शुरू में मास हिस्टीरिया के तौर पर माना जा रहा था, ये माइक्रोवेव हथियारों के कारण होने वाली समस्या हो सकती है।

हालांकि अभी तक यह समझा नहीं जा सका है कि इस बीमारी की असल वजह क्या है, कुछ खास लोगों और उनके परिवारों को ही ये क्यों होती है? यही कारण है कि इसे रहस्यमयी बीमारी के रूप में जाना जाता है।
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ब्रेन में क्षति जैसे हो सकते हैं इसके लक्षण - फोटो : istock
हवाना सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?

शोधकर्ताओं की टीम ने बताया कि जिन कर्मचारियों ने इस सिंड्रोम की समस्या के बारे में सूचित किया था, उनके मस्तिष्क की जांच में पाया गया कि इसके लक्षण सिर में हल्की चोट के समान हो सकते हैं। सीआईए के कुछ कर्मचारियों में हवाना सिंड्रोम के लक्षण महीनों तक बने रहे। रोगियों ने बताया कि उन्होंने ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, ब्रेन फॉग, स्मृति की समस्याओं, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता और नींद से संबंधित दिक्कतें भी होने लगीं। 
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हवाना सिंड्रोम की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : iStock
भारत में हवाना सिंड्रोम

भारत में, इस तरह का पहला मामला वर्ष 2021 में सामने आया था, जब अमेरिकी खुफिया अधिकारी, सीआईए निदेशक विलियम बर्न्स के साथ नई दिल्ली की यात्रा पर आए थे। भारत में भी क्या इसके जोखिम हो सकते हैं, इस बारे में जानने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

फिलहाल अब तक के अध्ययनों में बीमारी का सटीक कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन दायर याचिका के अनुसार, उच्च आवृत्ति वाले माइक्रोवेव उत्सर्जन से हवाना सिंड्रोम हो सकता है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कई कारकों के संयोजन के कारण भी हो सकती हैं। ठोस सबूतों की कमी के कारण चल रही इसपर बहस और अनिश्चितता अब भी जारी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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