भ्रामक और अप्रमाणित जानकारियों के कारण सेहत को कई तरह से नुकसान हो सकता है, दुर्भाग्यवश विज्ञापनों और सोशल मीडिया पर इस तरह की जानकारियों की भरमार है। सरकार अब इसपर सख्त रुख अख्तियार कर रही है। मसलन अब अगर आप विज्ञापनों, वीडियो आदि के माध्यम से सेहत से संबंधित कोई दावा कर रहे हैं, जानकारियां साझा कर रहे हैं तो यह बताना आवश्यक होगा कि क्या आप वास्तव में इसके विशेषज्ञ हैं? भ्रामक विज्ञापनों की रोकथाम को लेकर यह कदम उठाया गया है।
उपभोक्ता मंत्रालय की तरफ से इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए गए हैं जिसके मुताबिक, मान्यता-प्राप्त संस्थानों से प्रमाण-पत्र पाने वाले चिकित्सक, स्वास्थ्य एवं फिटनेस विशेषज्ञ भी अगर सेहत से संबंधित कोई जानकारी साझा करते हैं तो उनके लिए भी यह खुलासा करना जरूरी है कि वे प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं।