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Health Alert: 80% लोग आंखों की इन दिक्कतों को कर देते हैं इग्नोर, हमेशा के लिए जा सकती है रोशनी

Fri, 16 Jan 2026 08:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ग्लूकोमा दुनिया में अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। ग्लूकोमा रोग आंखों के ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाती है। इसमें आंखों पर दबाव बढ़ जाता है जिससे धीरे-धीरे नजर कमजोर होती जाती है।  
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आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
आंखों की बीमारियां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में बढ़ती हुई देखी जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लोगों का बढ़ता स्क्रीन टाइम, आहार में पोषक तत्वों की कमी के साथ शुगर-ब्लड प्रेशर कंट्रोल न रहने की स्थिति आंखों के लिए मुश्किलें बढ़ाती जा रही हैं। 

 ग्लूकोमा मौजूदा समय में आंखों से जुड़ी एक गंभीर और तेजी से बढ़ती समस्या बनती जा रही है। यह बीमारी धीरे-धीरे आंखों की नसों को नुकसान पहुंचाती है। अगर समय रहते इसका पता न चले या इलाज न हो पाए तो इसके कारण आपको स्थाई रूप से अंधेपन तक का भी खतरा हो सकता है।

गौरतलब है कि ग्लूकोमा दुनिया में अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। डॉक्टर कहते हैं, अक्सर लोग इस रोग के शुरुआती कुछ लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं। अगर आपको भी आंखों में कुछ समस्याएं हैं तो इसपर गंभीरता से ध्यान दें।
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आंखों में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Adobe Stock
ग्लूकोमा की समस्या के बारे में जानिए

ग्लूकोमा रोग आंखों के ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाती है। इसमें आंखों पर दबाव बढ़ जाता है जिससे धीरे-धीरे नजर कमजोर होती जाती है।
  • आंखों में मौजूद तरल पदार्थ यानी फ्लूइड जब ठीक तरीके से ड्रेन नहीं हो पाते हैं तो इस नर्व्स पर दबाव बढ़ता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ इस तरह की समस्या का खतरा अधिक होता है। 
  • इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये दिक्कत रही है, डायबिटीज है या फिर आंखों में चोट है उन्हें ग्लूकोमा की समस्या का खतरा हो सकता है।
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आंखों की बीमारी - फोटो : Freepik.com
ग्लूकोमा के प्रमुख लक्षण

नेत्र रोग विशेषज्ञ बताते हैं वैसे तो ग्लूकोमा के शुरुआती स्थितियों में लक्षण नजर नहीं आते। हालांकि जब ये समस्या बढ़ने लगती है तो धीरे-धीरे किनारों से दिखाई देना कम हो जाता है।
  • अक्सर आंखों में भारीपन, सिरदर्द, आंखों में दर्द या रोशनी के चारों ओर घेरा नजर आता है तो सावधान हो जाइए।
डॉक्टर कहते हैं, इन लक्षणों को अक्सर लोग हल्का मानकर अनदेखा कर देते हैं पर समय के साथ ये आंखों के लिए गंभीर मुसीबतों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। 80 फीसदी लोग आंखों में होने वाली इन दिक्कतों को गंभीरता से नहीं लेते हैं जिसके कारण रोशनी जाने तक का खतरा हो सकता है।
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आंखों को स्वस्थ रखने के लिए करें उपाय - फोटो : Freepik.com
ग्लूकोमा से बचाव के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ग्लूकोमा से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन समय पर अगर लक्षणों को पहचान लिया जाए और इलाज हो जाए तो इससे अंधेपन को रोका जा सकता है। 
  • नियमित आंखों की जांच बहुत आवश्यक है। 40 साल की उम्र के बाद सभी लोगों को डॉक्टर की सलाह पर आंखों की नियमित जांच जरूर कराते रहना चाहिए।
  • हेल्दी लाइफस्टाइल आंखों के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है।
  • पोषक तत्वों से भरपूर आहार जिसमें पत्तेदार सब्जियां, विटामिन सी और ओमेगा-3 हो, ये आंखों की रोशनी को ठीक रखने में मददगार हो सकती है।
  • आंखों की सेहत ठीक रखने के लिए ब्लड प्रेशर और शुगर दोनों को कंट्रोल रखने पर भी ध्यान देना चाहिए।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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