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पीरियड्स आने से पहले महिलाओं को होने लगती है फूड क्रेविंग, जानिए इसके पीछे की वजह

Fri, 11 Oct 2019 09:27 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पीरियड्स महिला स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण भाग है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है। लेकिन पीरियड्स के दौरान होने वाले असहनीय दर्द भी हर महिला को झेलना पड़ता है। बता दें कि करीब 85 फीसदी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान फूड क्रेविंग भी खूब होती है। जैसे-जैसे इसकी तारीख नजदीक आती है महिलाओं को चटपटी और तीखी चीजें खाने की इच्छा होने लगती है। वहीं इस दौरान कुछ महिलाओं को मीठा भी खाने का मन करता है। अब आप सोच रहे होंगे की आखिर ऐसा क्यों होता है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कुछ अलग खाने को मन क्यों करता है...
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
क्यों होता है ऐसा
पीरियड्स की अवधि कम से कम 3 दिन और ज्यादा से ज्यादा 7 दिन होती है। अक्सर इस दौरान महिलाएं को जंक फूड खाने का बहुत मन होता है। पीरियड्स से लेकर मेनोपॉज तक महिलाओं को जो फूड क्रेविंग महसूस होता है वो पीएमएस (PMS) का लक्षण है। पीएमएस यानी प्रीमेंसट्रुअल सिंड्रोम के कारण शरीर में पीरियड शुरू होने के कुछ दिन पहले ही विभिन्न हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव होने लगते हैं। इसी वजह से महिलाओं को चटपटी और तीखी चीजें खाने की इच्छा होने लगती है। पीएमएस से ग्रसित महिलाओं को हर समय भूख ही महसूस होती है और उन्हें इस दौरान हेल्दी फूड खाने की बजाए जंक फूड खाने की इच्छा ज्यादा होती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
क्या है पीएमएस?
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम यानी पीएमएस महिलाओं की स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है। मासिक धर्म से पहले सेक्स हार्मोन और सेरोटोनिन नामक हार्मोन के स्तर में बदलाव के कारण इसके लक्षण दिखाई देते हैं। पीएमएस के कारण महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन का स्तर भी बढ़ जाता है। इस बीमारी के कारण महिलाओं को चिड़चिड़ापन, मूड स्विंग होना और तनाव की समस्या भी होती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
लगभग 85% औरतों को है यह समस्या
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम यानी पीएमएस के लक्षण लगभग 85% महिलाओं को महसूस होते हैं। इसका लक्षण आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के 5-11 दिन पहले महसूस होने लगता है और पीरियड्स जैसे ही शुरू होता है इसके लक्षण भी खत्म हो जाते हैं। बता दें कि करीब 20 से 32 फीसदी महिलाओं को प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के गंभीर लक्षण महसूस होते हैं। इस वजह से महिलाओं को पीरियड्स के दौरान काफी परेशानी भी होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
पीएमएस में फूड क्रेविंग
पीरियड्स के दौरान होने वाले पीएमएस का समस्या के वजह से महिलाओं को फूड क्रेविंग होती है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हर महिलाओं को फूड क्रेविंग हो। सिंड्रोम की इंटेंसिटी सभी महिलाओं में अलग-अलग होती है। कुछ महिलाओं में इसके लक्षण काफी गंभीर होते हैं। इस दौरान महिलाओं को चिड़चिड़ापन, ज्यादा भूख लगना, मूड स्विंग होना, थकान, पेल्विक में दर्द जैसे लक्षण देखने के मिलते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : इंस्टाग्राम
बढ़ जाता है स्ट्रेस हार्मोन
स्वास्थ्य संबंधी अध्यनों के अनुसार प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम की वजह से कॉर्टिसोल नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और सिरोटोनिन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इसी वजह से महिलाओं को अधिक कैलोरी वाले फूड्स खाने की इच्छा होने लगती है। महिलाएं इन फूड्स को खाकर अच्छा महसूस करती हैं।
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योगा - फोटो : सोशल मीडिया
क्या करें?
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम यानी पीएमएस के लक्षण को जीवनशैली में कुछ सुधार कर कम किया जा सकता है। लेकिन इसके अलावा डॉक्टर से भी सलाह लेनी चाहिए। आइए जानते हैं कैसे कम करें इसके लक्षण...
  • सही डाइट के साथ नमक काम इस्तेमाल करें।
  • रोजाना व्यायाम करें।
  • पेट में दर्द की समस्या हो तो अधिक मात्रा में पानी पीएं।
  • फलों का सेवन अधिक करें।
  • अल्कोहल और कैफीन के सेवन से बचें।
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