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Omicron variant: वैक्सीनेटेड लोगों की भी हो रही मौत, बच्चों में भी बढ़े मामले, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

Mon, 27 Dec 2021 02:19 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क,अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओमिक्रॉन संक्रमण के मामले - फोटो : iStock
भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में वर्गीकृत किया है। दक्षिण अफ्रीका, यूके, फ्रांस, इटली सहित कई अन्य देशों में हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। भारत में भी कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमितों का आंकड़ा 600 के करीब पहुंचने वाला है। डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी डायरेक्टर माइकल रयान कहते हैं, डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट काफी अधिक संक्रामक है, ऐसे में इससे बचाव के लिए लोगों को भी अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप में रविवार को महामारी में पहली बार एक ही दिन में 100,000 से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए। इतना ही नहीं इससे संक्रमितों के मौत के भी मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या ओमिक्रॉन का संक्रमण लोगों में मौत का भी कारण बन रहा है? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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संक्रमण से बचाव बहुत आवश्यक - फोटो : iStock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
ब्राउन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में शोधकर्ता और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ आशीष के झा बताते हैं, दुनियाभर में ओमिक्रॉन का विस्फोट देखने को मिल रहा है। ऐसे में सभी लोगों को इससे बचाव के उपाय करते रहना चाहिए। जिन लोगों का कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आ रहा है उन्हें तुरंत खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। समय पर अगर इससे बचाव नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। 
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ओमिक्रॉन ने बढ़ाई चिंता - फोटो : Pixabay
दोनों डोज ले चुके ओमिक्रॉन संक्रमित की मौत
रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन संक्रमण के लक्षण हल्के हैं और यह रोगियों में गंभीर समस्याओं का कारण नहीं बन रहा है। हालांकि दुनिया के कुछ देशों से संक्रमितों में मौत के मामले सामने आ रहे हैं। हालिया रिपोर्ट से मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में ओमिक्रॉन संस्करण से पहली मौत की पुष्टि हुई है। मृतक को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी थी, हालांकि उसे पहले से ही कई अन्य तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं।

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बच्चों में कोरोना का संक्रमण - फोटो : iStock
अस्पताल में बढ़ रहे हैं बच्चे
ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच न्यूयॉर्क के स्वास्थ्य अधिकारियों ने अस्पताल में बच्चों की बढ़ती संख्या के बारे में चिंता जताई है। न्यूयॉर्क स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा बच्चों में कोविड -19 से जुड़े मामले बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में 18 साल या उससे कम आयु के बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले में चार गुना वृद्धि देखी जा रही है। चूंकि बच्चों का अभी तक वैक्सीनेशन नहीं हुआ है ऐसे में यह चिंताजनक बात हो सकती है। 
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बूस्टर डोज है आवश्यक - फोटो : Pixabay
बूस्टर डोज हो सकता है प्रभावी
ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे और इससे बचाव के उपायों को जानने के लिए अध्ययनकर्ताओं की एक टीम का कहना है कि लोगों को बूस्टर डोज देकर उनमें संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है। बूस्टर डोज शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देने में बेहतर साबित हो रही हैं, ऐसे में सभी देशों को इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेषकर कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के जल्द से जल्द बूस्टर डोज दिया जाना चाहिए।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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