भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में वर्गीकृत किया है। दक्षिण अफ्रीका, यूके, फ्रांस, इटली सहित कई अन्य देशों में हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। भारत में भी कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमितों का आंकड़ा 600 के करीब पहुंचने वाला है। डब्ल्यूएचओ के इमरजेंसी डायरेक्टर माइकल रयान कहते हैं, डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट काफी अधिक संक्रामक है, ऐसे में इससे बचाव के लिए लोगों को भी अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोप में रविवार को महामारी में पहली बार एक ही दिन में 100,000 से अधिक संक्रमण के मामले दर्ज किए गए। इतना ही नहीं इससे संक्रमितों के मौत के भी मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने शुरू हो गए हैं कि क्या ओमिक्रॉन का संक्रमण लोगों में मौत का भी कारण बन रहा है? आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं।