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Satyapal Malik Death: गंभीर किडनी रोग से जूझ रहे थे पूर्व राज्यपाल; जानिए क्यों बढ़ती जा रही है ये बीमारी?

Tue, 05 Aug 2025 07:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वह किडनी फेलियर का शिकार थे। जिसके लिए उनका डायलिसिस किया जा रहा था।
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पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन - फोटो : X@SatyapalMalik6
Satyapal Malik Death Causes: जम्मू कश्मीर और बिहार के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार (5 अगस्त) को निधन हो गया, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। खबर लिखे जाने तक अस्पताल की तरफ से उनकी मेडिकल रिपोर्ट साझा नहीं की गई है, हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि वह लंबे समय से किडनी से संबंधित बीमारियों का शिकार थे। 

22 मई 2025 को एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, अभी मेरी हालत बहुत खराब है मैं किसी से भी बात करने की हालत में नहीं हूं। 11 मई से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हूं।संक्रमण की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया था। अब  स्थिति बहुत गंभीर है और पिछले तीन दिनों से  किडनी डायलिसिस की जा रही है। 
 
8 जून को एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि उनकी हालत और भी गंभीर हो गई है। किडनी की बीमारी को लेकर लंबे समय से वह अस्पताल में हैं।
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सत्यपाल सिंह मलिक - फोटो : ANI
खबरों के मुताबिक सत्यपाल मलिक मूत्र मार्ग में संक्रमण और इसके कारण किडनी की गंभीर बीमारी का शिकार थे। उनको हाई ब्लड शुगर और हाई बीपी की समस्या भी थी। ये सभी स्थितियां किडनी को डैमेज कर सकती हैं।



डॉक्टर बताते हैं, मुख्य रूप से मधुमेह और उच्च रक्तचाप को किडनी की गंभीर और जानलेवा समस्याओं का कारण माना जाता रहा है। हाई शुगर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियों का अगर ठीक से प्रबंधन न किया जाए, तो ये धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित करने लगती है। इससे किडनी की रक्त से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ को छानने की क्षमता कमजोर हो जाती है। गंभीर स्थितियों में किडनी फेलियर तक का खतरा रहता है।
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किडनी की बीमारियों का खतरा - फोटो : Adobe stock
ब्लड प्रेशर और शुगर हाई रहता है तो हो जाइए सावधान

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों का ब्लड प्रेशर या शुगर लेवल अक्सर सामान्य से अधिक रहता है उनमें किडनी से संबंधित समस्याओं का खतरा भी ज्यादा रहता है। हाई ब्लड प्रेशर और हाई शुगर एक साथ है तो किडनी की समस्याओं का खतरा और भी बढ़ जाता है।
 
  • हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन किडनी की धमनियों को संकरा या सख्त कर देती है, जिससे गुर्दों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है और अपशिष्ट व अतिरिक्त तरल पदार्थ को छानने की उनकी क्षमता भी कम हो जाती है। यह क्षति क्रोनिक किडनी रोग का रूप ले सकती है और गंभीर मामलों में, किडनी फेलियर का कारण भी बन सकती है।
 
  • इसी तरह हाई शुगर की समस्या डायबिटिक नेफ्रोपैथी का कारण बनती है। ये कई विकसित देशों में किडनी फेलियर का प्रमुख कारण है। हाई ब्लड शुगर की स्थिति किडनी के भीतर रक्त वाहिकाओं को क्षतिग्रस्त करने लगती सकती है, जिससे अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ को प्रभावी ढंग से छानने की उनकी क्षमता कम हो जाती है।
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किडनी को कैसे स्वस्थ रखें? - फोटो : Freepik.com
फिर किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?

किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली को स्वस्थ रखना सबसे जरूरी माना जाता है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, रक्तचाप और रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने के साथ धूम्रपान-शराब के सेवन से बचना जरूरी है। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। 

अगर आपको बार-बार यूटीआई की समस्या हो रही है तो इसे अनदेखा न करें। इस तरह का संक्रमण भी किडनी को गंभीर क्षति पहुंचाने वाला हो सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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