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सेहत की बात: क्या आपको भी हो रहा है तेज बुखार? जानिए पहले 24 घंटे में क्या सावधानियां बरतें

Mon, 14 Sep 2026 08:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मॉनसून में बुखार को सामान्य वायरल मानकर छोड़ना सही नहीं है।डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण भी मिलते-जुलते हो सकते हैं। पहले 24 घंटे में शरीर के तापमान और लक्षणों पर नजर रखें, पर्याप्त तरल लें और डॉक्टर से सलाह लें। 
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बुखार होने पर क्या करें? - फोटो : Amarujala.com/AI
राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई हिस्सों में इन दिनों संक्रामक बीमारियों का खतरा देखा जा रहा है। स्वाइन फ्लू (एच1एन1) वायरस का संक्रमण लोगों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का कारण बना हुआ है। इसके अलावा हर साल अगस्त से लेकर अक्तूबर के दिनों में डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों का दबाव भी बढ़ जाता है। इन सभी बीमारियों में बुखार होना सबसे आम लक्षण है। 

समस्या यह है कि शुरुआत में इन बीमारियों के लक्षण काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं। बुखार के साथ शरीर दर्द, कमजोरी, सिरदर्द या ठंड लगने की समस्याओं को देखकर घर पर यह तय करना आसान नहीं कि बीमारी की वजह क्या है? यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को बुखार के शुरुआती 24 घंटे में सेहत को लेकर विशेष ध्यान देते रहने की सलाह देते हैं।

आइए जानते हैं कि इन दिनों अगर आपको भी बुखार हो रहा है तो क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए?
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डेंगू-मलेरिया में बुखार की समस्या - फोटो : Freepik.com
बुखार के हो सकते हैं कई कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डेंगू-मलेरिया हो या फिर स्वाइन फ्लू या सामान्य मौसमी बुखार, शुरुआत में सभी के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं।
 
  • बुखार कब शुरू हुआ और शरीर का तापमान कितना है? इसपर सबसे ज्यादा ध्यान देना जरूरी है।
  • आपका बुखार बढ़ तो नहीं रहा और साथ में कौन से लक्षण हैं, इन बातों को भी नोट करें।
  • सिरदर्द-शरीर में दर्द, उल्टी-दस्त, खांसी, गले में दर्द, ठंड लगने या आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण हों और अगर ये लगातार बढ़ते जाएं तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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शरीर में न होने दें पानी की कमी - फोटो : Amarujala.com/AI
शुरुआती बुखार में पानी और तरल पदार्थ जरूरी

बुखार के कारण शरीर से पानी कम होने लगती है, इसलिए अगर आपको बुखार हो रहा है तो पर्याप्त तरल जरूर लेते रहें। पानी, ओआरएस या फलों का जूस न सिर्फ शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाते हैं बल्कि बीमारियों के जटिलताओं को कम करने में भी मदद करते हैं। खूब पानी पीते रहना शरीर के तापमान को कंट्रोल रखने के लिए बहुत जरूरी माना जाता है। 

संक्रमण के कारण होने वाले बुखार की स्थिति में पानी की कमी की दिक्कत सबसे ज्यादा देखी जाती है, ये जटिलताओं को बढ़ाने वाली हो सकती है।
 
  • डॉक्टर कहते हैं, बुखार और इससे जुड़ी दिक्कतों को  कम करने के लिए पैरासिटामोल लिया जा सकता है।
  • हालांकि अगर 24-48 घंटे के बीच पैरासिटामोल लेने के बाद भी बुखार में कोई आराम नहीं मिल रहा या फिर बार-बार बुखार वापस आ जाता है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूरी है। 
  • डेंगू की आशंका होने पर एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं खुद से न लें, क्योंकि ये रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं।
  • बुखार होने पर एंटीबायोटिक दवाएं खुद से शुरू न करें। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक काम नहीं करती।
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बुखार की समस्या - फोटो : Freepik
क्या सावधानियां जरूरी?

मॉनसून में हर बुखार को डेंगू या मलेरिया भी नहीं मानना चाहिए और हर बुखार को सामान्य वायरल मानना भी मुश्किलें बढ़ा सकता है। इसलिए बुखार के साथ होने वाली अन्य समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देते रहना जरूरी है। 
 
  • अगर बुखार के साथ लगातार उल्टी, पेट में दर्द, खून आने, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 
  • बुखार कम हो जाना हमेशा बीमारी खत्म होने का संकेत नहीं होता। खासकर डेंगू में मरीज की हालत बीमारी के अलग-अलग चरणों में बदल सकती है। इसलिए तापमान कम होने के बाद भी लापरवाही न बरतें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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