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सेहत की बात: जेन-जी में कैफीन की बढ़ती आदत कितनी खतरनाक? चाय-कॉफी और एनर्जी ड्रिंक्स कैसे पहुंचा रही नुकसान

Mon, 14 Sep 2026 07:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कैफीन थोड़े समय के लिए सतर्कता बढ़ा सकता है, लेकिन ज्यादा सेवन नींद बिगाड़ सकता है। एनर्जी ड्रिंक अधिक चिंता का विषय हैं क्योंकि इनमें कैफीन के साथ दूसरे उत्तेजक पदार्थ भी हो सकते हैं। ज्यादा सेवन कुछ लोगों में दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है।
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कैफीन वाली चीजों से सेहत पर होने वाला असर - फोटो : Amarujala.com/AI
चाय-कॉफी हम में से ज्यादातर लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। सुबह नींद खुलते ही चाय-कॉफी पीना हो या दोपहर-शाम को काम के दबाव खुद को रिफ्रेश करने के लिए, हम भी दिनभर में औसतन दो-तीन कप इसका सेवन कर ही लेते हैं। इसके साथ युवा वर्ग में कैफीन वाली दूसरी चीजों जैसे एनर्जी ड्रिंक की आदत भी बढ़ती हुई देखी जा रही है। पर क्या दिनभर में अलग-अलग स्रोतों से इतना कैफीन लेना सेहत के लिए सुरक्षित है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कैफीन दिमाग को ज्यादा सतर्क रखने में मदद करता है। यही वजह है कि थकान में लोग बार-बार इसका सहारा लेते हैं। लेकिन अगर दिनभर में आप बहुत ज्यादा कैफीन  वाली चीजें ले रहे हैं तो ये आपके लिए बहुत नुकसानदायक हो सकती है।

जेनजी (1997 से 2012) के बीच जन्मे लोगों के बीच कैफीन वाली चीजों का चलन ज्यादा बढ़ रहा है। आइए जानते हैं कि इससे सेहत को किस तरह से  नुकसान होने का खतरा होता है?
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कैफीन वाली ड्रिंक्स का खतरा - फोटो : Freepik.com
कैफीन वाली ड्रिंक्स बढ़ा रही खतरे

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जेनजी के बीच कैफीन वाली चीजें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। समस्या सिर्फ चाय-कॉफी या एनर्जी ड्रिक पीने से नहीं है बल्कि इसकी मात्रा, समय और स्रोत को लेकर भी अलर्ट रहने की जरूरत है।
 
  • एनर्जी ड्रिंक को सेहत के लिए और भी खतरनाक पाया गया है। इनमें कैफीन के साथ चीनी और दूसरे उत्तेजक पदार्थों का मात्रा होती है। इसके ज्यादा मात्रा में सेवन से शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन पर अधिक दबाव पड़ने का भी खतरा हो सकता है।
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नींद पर होने वाला असर - फोटो : Freepik.com
कैफीन बढ़ा रही है नींद की दिक्कतें

बड़ी संख्या में युवा आबादी इन दिनों नींद की समस्याओं का शिकार देखी जा रही है।
 
  • कैफीन वाली चीजों के अधिक सेवन की आदत नींद से संबंधित दिक्कतों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
  • देर शाम या रात में कैफीन लेने से सोने में अधिक समय लग सकता है और आपकी कुल नींद कम हो सकती है।
  • शोध में पाया गया है कि सोने से छह घंटे पहले भी कैफीन लेने से नींद प्रभावित हो सकती है।
  • लगातार नींद खराब होने के कारण चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में परेशानी और काम की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

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दिल की सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
कैफीन का दिल की सेहत पर असर

कैफीन की अधिक मात्रा कुछ लोगों में दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर दोनों को बढ़ाने वाली हो सकती है।
 
  • जेन-जी के बीच बढ़ते एनर्जी ड्रिंक की आदत को लेकर चिंता और ज्यादा है क्योंकि इनमें कैफीन की मात्रा के साथ दूसरे उत्तेजक पदार्थ भी हो सकते हैं। 
  • शोध में पाया गया कि एनर्जी ड्रिंक लेने के बाद वयस्कों में भी थोड़े समय के लिए सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर बढ़ने की दिक्कत हो सकती है।
  • जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन की समस्या या कोई हृदय रोग है, उन्हें कैफीन वाली चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए।
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कॉफी-चाय को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
तो क्या कैफीन वाली चीजों से बना लें दूरी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, चाय-कॉफी या कैफीन वाली चीजों से पूरी तरह दूरी बनाने की जरूरत नहीं है। हालांकि आप दिनभर में कितनी बार कैफीन वाली चीजें ले रहे हैं इसपर ध्यान देना बहुत जरूरी है। थकान-सुस्ती दूर करने के लिए रोज एनर्जी ड्रिंक लेने की आदत आपके लिए नुकसानदायक हो सकती है।  

एनर्जी ड्रिंक के साथ कई बार आप अतिरिक्त मात्रा में चीनी का भी सेवन कर रहे होते हैं। कॉफी, चाय, एनर्जी ड्रिंक या कोल्ड ड्रिक्स की मात्रा का विशेष ध्यान रखें। शाम के बाद कैफीन वाली चीजों से बचना चाहिए, इसका नींद पर असर हो सकता है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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