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हेल्थ टिप: त्योहारों में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों होता है प्रभावित? जानें सेहतमंद रहने के आसान तरीके

Tue, 06 Oct 2026 01:42 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Festive Season and Women’s Health: इस लेख में जानें त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों प्रभावित होते हैं, इसके स्वास्थ्य पर असर और संतुलित दिनचर्या बनाए रखने के आसान तरीके।
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त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों और कैसे प्रभावित होता है? - फोटो : AI
Festive Season and Women’s Health:  त्योहारों का मौसम खुशियों और उत्साह से भरा होता है, लेकिन घर-परिवार की तैयारियों और बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के बीच महिलाओं की सेहत अक्सर पीछे छूट जाती है। त्योहारों के दौरान घर की सफाई, खरीदारी, मेहमानों की मेजबानी, खाना बनाने और पारिवारिक कार्यक्रमों की वजह से महिलाओं की दिनचर्या बदल जाती है। 

कई बार महिलाएं व्यस्तता के कारण नाश्ता छोड़ देती हैं या मुख्य भोजन की जगह चाय, स्नैक्स और मिठाइयों पर निर्भर हो जाती हैं। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते और उनके शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में त्योहारों के बीच भी पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और पानी पीने की आदत बनाए रखना जरूरी है।

इसी के चलते आइए इस लेख में जानते हैं त्योहारों की भागदौड़ महिलाओं की नींद और पोषण को कैसे प्रभावित करती है और इससे बचने के आसान तरीके क्या हैं।
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त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों और कैसे प्रभावित होता है? - फोटो : AI

 त्योहारों में महिलाओं की नींद क्यों प्रभावित होती है?

 त्योहारों के दौरान महिलाओं पर काम का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाता है। घर की तैयारी, मेहमानों की देखभाल और देर रात तक चलने वाले कार्यक्रमों के कारण सोने का समय कम हो सकता है।

 लगातार नींद पूरी न होने से दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में परेशानी और काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए त्योहारों के बीच भी सोने और जागने का एक निश्चित समय रखने की कोशिश करनी चाहिए।

 
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त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों और कैसे प्रभावित होता है? - फोटो : AI
 पोषण पर कैसे पड़ता है असर?

 त्योहारों में ज्यादातर समय काम में व्यस्त रहने के कारण महिलाएं कई बार समय पर खाना नहीं खा पातीं। इसके अलावा मिठाइयां, तले हुए खाद्य पदार्थ और ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स खाने की मात्रा बढ़ जाती है।

 अगर नियमित भोजन की जगह बार-बार चाय, मिठाई या स्नैक्स लिए जाएं तो शरीर को प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज जैसे जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते।

 

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त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों और कैसे प्रभावित होता है? - फोटो : AI
त्योहारों में महिलाओं को क्या खाना चाहिए?

 त्योहारों के दौरान भी भोजन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
  •  नाश्ता कभी न छोड़ें और दिन की शुरुआत पौष्टिक भोजन से करें।
  • भोजन में दाल, पनीर, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत शामिल करें।
  •  मौसमी फल और हरी सब्जियां खाएं।
  •  मिठाई और तले हुए खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में लें।
  • पर्याप्त पानी पीते रहें।
  •  लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचें।
  •  मेहमानों और परिवार की देखभाल के साथ अपनी भोजन की जरूरतों का भी ध्यान रखें।

 
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त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों और कैसे प्रभावित होता है? - फोटो : AI
त्योहारों में नींद पूरी करने के आसान तरीके

 अगर त्योहारों के कारण रात में देर हो रही है, तो दिन में थोड़े आराम के लिए समय निकालें। सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करें और कोशिश करें कि हर दिन पर्याप्त नींद मिले।

 काम को अकेले संभालने के बजाय परिवार के सदस्यों के साथ जिम्मेदारियां बांटने से भी तनाव और थकान कम की जा सकती है।

 
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त्योहारों की भागदौड़ में महिलाओं की नींद और पोषण क्यों और कैसे प्रभावित होता है? - फोटो : AI
 महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता क्यों देनी चाहिए?

 त्योहारों की खुशी तभी बेहतर तरीके से महसूस की जा सकती है, जब शरीर और दिमाग स्वस्थ रहें। लगातार नींद की कमी, असंतुलित खान-पान और अत्यधिक काम का दबाव लंबे समय में स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए त्योहारों के दौरान परिवार के साथ-साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
 
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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